ग्रामीण विकास एवं पंचायती राज मंत्री ने शाम छह बजे काफिले के साथ गणेश धाम से रणथंभौर दुर्ग जाने वाले रास्ते पर प्रवेश किया। उनके काफिले में करीब 15 गाड़ियां शामिल थीं।
नियम कायदे सिर्फ आम आदमी पर लागू होते हैं, वीआईपी या वीवीआईपी के लिए कोई नियम नहीं होता है। वे अपनी जरूरत के हिसाब से नियम बदल लेते हैं। हम ऐसा इसलिए कह रहे हैं क्योंकि राज्य सरकार के मंत्री रमेश मीना ने ऐसा कर के दिखा दिया है।
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दरअसल, मंगलवार शाम 6 बजे ग्रामीण विकास एवं पंचायती राज मंत्री रमेश मीणा ने अपने काफिले के साथ गणेश धाम से रणथंभौर दुर्ग जाने वाले रास्ते पर प्रवेश किया। इस दौरान मंत्री के काफिले में करीब 15 गाड़ियां शामिल थीं। शाम 7: 40 पर जंगल के मख्य द्वार से मंत्री का काफिला बाहर निकला। नियमानुसार जंगल या गणेश मंदिर पर जाने के लिए शाम चार बजे के बाद किसी को भी प्रवेश की अनुमति नहीं है। इसके बाद भी मंत्री मीणा उस रास्ते से नियम तोड़कर गुजर गए।
आखिर नियम में छूट क्यों
मंत्री का इस तरह नियम तोड़कर जंगल के रास्ते से जाना समझ से परे हैं, जबिक यहां शाम चार बजे के बाद किसी को प्रवेश नहीं दिया जाता है। मामले सामने आने के बाद मंत्री से बात की गई तो उन्होंने कुछ भी बोलने से मना कर दिया।