आपदा प्रबंधन और सहायता मंत्री गोविन्दराम मेघवाल
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आपदा प्रबंधन और सहायता मंत्री गोविन्दराम मेघवाल ने कहा कि प्रदेश में आपदा होने की स्थिति में सभी जिला कलेक्टरों और संबंधित विभागों से समन्वय स्थापित कर पीड़ितों को तत्काल सहायता पहुंचाने के लिए बचाव और राहत कार्य किए जाते हैं। मेघवाल शुक्रवार को शून्यकाल के दौरान विधानसभा में इस संबंध में अपना वक्तव्य दे रहे थे।
उन्होंने बताया कि सबसे ज्यादा 4.4 रिएक्टर स्केल तीव्रता का भूकंप सुबह 4:09 बजे आया। जिसका केंद्र बिन्दु गुलमोहर गार्डन, भांकरोटा रहा। दूसरा झटका सुबह 4:22 बजे महसूस किया गया, जिसका केंद्र बिन्दु मानपुर बालाजी, रेनवाल मांझी रहा और इसकी तीव्रता 3.1 थी। उन्होंने बताया कि भूकंप के तीसरे झटके का केंद्र बिन्दु पिंक पर्ल फन फेयर वाटर पार्क के पास भांकरोटा में रहा जो सुबह 4:25 मिनट पर महसूस किया गया। इसकी तीव्रता 3.4 रही। वहीं, चौथा झटका सुबह 4:31 मिनट पर महसूस किया गया, जिसका केंद्र बिन्दु शिवम रिसॉर्ट, सारंगपुरा रहा और इसकी तीव्रता 2.5 रही।
मंत्री ने कहा कि विभाग द्वारा प्रदेश में आने वाली प्राकृतिक आपदाओं के संबंध में बड़े स्तर पर सूचनाओं के माध्यम से आमजन को जागरुक किया जाता है। साथ ही प्रिंट, इलेक्ट्रॉनिक और सोशल मीडिया के माध्यम से बचाव के उपाय बताए जाते हैं। उन्होंने कहा कि राज्य स्तर पर राज्य आपदा नियंत्रण कक्ष शासन सचिवालय, जयपुर में तथा सभी जिला कलेक्टर कार्यालयों में जिला आपदा नियंत्रण कक्ष स्थापित किए गए हैं, जो हर समय क्रियाशील रहते हैं। इसके अतिरिक्त आपदाओं के नियंत्रण के लिए राज्य और जिला स्तर पर एनडीआरएफ, एसडीआरएफ और नागरिक सुरक्षा की टीमें तैनात रहती हैं।