उदयपुर के गऊपीपला निवासी सकमा पुत्र धुलिया पारगी मठु के साथ पिछले 60 साल से लिव इन में रह रहे थे। अब जाकर पोता-पोती ने दादा-दादी की शादी कराने की ठानी। उसके बाद पूरे परिवार के साथ सकमा की बारात ढोल-डीजे की थाप पर गुजरात के गुण भाखरी गांव पहुंची। वहां सकमा ने मठु के साथ सात फेरे लिए और उन्हें दुल्हन बनाकर उदयपुर लेकर आए। पूरे क्षेत्र में इस अनोखी शादी की चर्चा है।