राजस्थान के जयपुर में प्रतिष्ठत शोरूम से सालभर पहले बिना रजिस्ट्रेशन के एक लग्जरी कार बेच दी गई। ये कार सालभर तक सड़कों पर दौड़ती रही। मामला खुला, तो टैक्स चोरी भी पकड़ी गई।
अब क्षेत्रीय परिवहन अधिकारी (आरटीओ) ने जयपुर स्थित संघी मोटर्स का ट्रेड लाइसेंस 15 दिन के लिए सस्पेंड कर दिया है, जिससे शोरूम अब 15 दिन के लिए बंद रहेगा।
एक साल बाद जब कार को रजिस्ट्रेशन के लिए आरटीओ लाया गया, तब इसका खुलासा हुआ। इतना ही नहीं, इसमें टैक्स चोरी का भी मामला सामने आया है।
84 लाख की कार को डेमो बताकर करीब आधी कीमत बेच दिया गया और इसी आधार पर टैक्स भी आधा दिया गया।
ऐसे किया टैक्स का नुकसान
लग्जरी कारों की कीमत ही नहीं टैक्स भी अधिक है। प्रदेश में 50 लाख रुपए अधिक की कीमत की कार पर 10 प्रतिशत का टैक्स लगता है। सांघी मोटर्स की ओर से डेमो बताकर बेची गई कार की कीमत 84 लाख रुपए थी।
इस पर 8 लाख 40 हजार टैक्स बन रहा था, लेकिन डेमो बताकर 40 लाख में बेची गई, जिससे करीब 4 लाख रुपए का ही टैक्स चुकाया गया।
परिवहन विभाग के एक वरिष्ठ अधिकारी का कहना है कि यह सिर्फ परिवहन विभाग की टैक्स चोरी का मामला नहीं दिख रहा। जिस तरह से डेमो बताकर कम कीमत पर कार बेची गई, उससे क्रय-व्रिकय में धन की लेन-देन में भी गड़बड़ नजर आ रही है।
रजिस्ट्रेशन जरूरी, जिम्मा डीलर का
परिवहन विभाग के नियमों के मुताबिक किसी भी वाहन की बिक्री के साथ ही इसका रजिस्ट्रेशन जरूरी है और यह जिम्मा डीलर का ही है। जिस दिन वाहन खरीददार को दिया जाता है, इसका टैक्स भर दिया जाता है।
आरटीओ अधिकारियों के मुताबिक पहली बार इस तरीके का मामला सामने आया है और अब लग्जरी कारों के विक्रेताओं को आदेश जारी कर दिए गए हैं।
आरटीओ विजयपाल सिंह ने बताया कि रजिस्ट्रेशन डीलर की जिम्मेदारी है। यह कार तो एक साल से रजिस्टर्ड ही नहीं हुई। गाड़ी को कम कीमत पर बेचकर करीब चार लाख का टैक्स भी नहीं चुकाया गया।