फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

Rajasthan: कांग्रेस विधायक के बेटे की जगह एलएलबी का पेपर दे रहा था दूसरा युवक, विवि प्रशासन बोला- पुलिस ने नहीं की कार्रवाई

Sun, 17 Jul 2022 07:06 PM IST
उदित दीक्षित न्यूूज डेस्क, अमर उजाला, जोधपुर

सार

विश्वविद्यालय प्रशासन का कहना है कि हमनें पुलिस को लिखित शिकायत दी गई थी, लेकिन पुलिस इससे इनकार कर रही है। दोनों एक दूसरे पर आरोप लगा रहे हैं।
विज्ञापन
सांकेतिक तस्वीर। - फोटो : सोशल मीडिया
विज्ञापन

विस्तार
वॉट्सऐप चैनल फॉलो करें

राजस्थान के जोधपुर के जय नारायण व्यास विश्वविद्यालय में कांग्रेस विधायक हीरा राम मेघवाल के बेटे की जगह एक डमी उम्मीदवार एलएलबी की परीक्षा दे रहा था। जानकारी लगने पर विवि प्रशासन ने आरोपी युवक को पकड़कर पुलिस के हवाले कर दिया, लेकिन इस संबंध में अब तक कोई एफआईआर नहीं की गई है। मीडिया रिपोर्ट्स के अनुसार पुलिस ने इस मामले को दबाने का प्रयास किया है। बीते शनिवार को विवि प्रशासन और कुछ छात्र नेताओं ने इसे लेकर सोशल मीडिया पर पोस्ट की जिसके बाद मामले ने तूल पकड़ा। उधर, विधायक मेघवाल ने ऐसे किसी घटना से इंकार किया है। उनका कहना है कि मेरा बेटा एक महीने से जयपुर में हैं, इस बार वह परीक्षा नहीं दे रहा है।  

विज्ञापन


मीडिया रिपोर्ट्स के अनुसार जय नारायण व्यास विश्वविद्यालय में एलएलबी प्रथम वर्ष की परीक्षा देने के लिए विधायक के बेटे ने किसी और युवक को भेजा था। विवि प्रशासन ने शुक्रवार को शक के आधार पर सुदर्शन जांगिड़ को पकड़ा था। पूछताछ में उसने बताया कि वह बिलारा विधानसभा क्षेत्र से कांग्रेस विधायक के बेटे महेश मेघवाल की तरफ से पेपर देने आया था। 

विवि प्रशासन ने मामले की जानकारी पुलिस को दी, विश्वविद्यालय पहुंची पुलिस उसे थाने ले आई। दावा किया जा रहा है कि आरोपी युवक जांगिड़ ने पुलिस को भी यही बताया कि वह मेघवाल के बेटे महेश की ओर से परीक्षा दे रहा था। यह खुलासा होने के बाद पुलिस ने उसे जाने दिया। पुलिस ने केस दर्ज कर कोई कार्रवाई नहीं की। 
विज्ञापन


विश्वविद्यालय के डीन चंदन बाला का कहना है कि मामले को लेकर विवि प्रशासन ने पुलिस को लिखित शिकायत दी गई थी, लेकिन उसकी ओर से कोई स्वीकृती नहीं दी गई थी। इधर, एसीपी डेरावर सिंह ने कहा, कि हमें इस संबंध में विश्वविद्यालय से कोई शिकायत नहीं मिली है। विवि प्रशासन और पुलिस दोनों एक दूसरे पर आरोप लगा रहे हैं। ऐसे में मामला उलझा हुआ है। पुलिस ने अब तक कोई एफआईआर भी दर्ज नहीं की है।  

विज्ञापन
और पढ़ें...
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें