अजमेर पोस्को न्यायालय एक के न्यायधीश बीएल जाट ने आठ वर्षीय बालक के साथ कुकर्म करने के मामले में फैसला सुनाया। न्यायाधीश ने दोषी को आजीवन कारावास के साथ 25 हजार रुपए काआर्थिक दंड भी लगाया। दोषी ने पिछले साल पहले शौच के बहाने बच्चे सु कुकर्म की वारदात को अंजाम दिया था।
पॉक्सो न्यायालय 1 के विशिष्ट लोक अभियोजक रूपेंद्र परिहार ने बताया कि पिछले साल 16 मई को आठ साल के मासूम की मां ने रूपनगढ़ थाने में शिकायत दी थी। उन्होंने कहा था कि 16 मई को उसका बेटा घर के बाहर खेल रहा था। इस दौरान गांव के निवासी परमाराम पुत्र अर्जुन राम उसे शौच जाने के बहाने जंगल में ले गाया। वहां जाकर अर्जुन ने धमकी देकर मासूम के साथ कुकर्म किया।
बच्चा घर पहुंचा तो कपड़ों पर लगा खून देख मां ने उससे पूछा तो उसने घटना की जानकारी दी। इसके बाद परिजनों ने थाने में पहुंचकर केस दर्ज कराया। रूपनगढ़ थाना पुलिस ने परमाराम पुत्र अर्जुन राम को गिरफ्तार कर न्यायालय में पेश किया। पोक्सो न्यायालय में अभियोजन पक्ष की तरफ से 11 गवाह और 21 दस्तावेज प्रस्तुत किए गए। इसके बाद न्यायालय ने दोषी को आजीवन कारावास की सजा सुनाई।