राजस्थान के कोटा शहर में 32 साल के एक युवक ने पुलिस थाने में फांसी लगाकर कथित तौर पर खुदकुशी कर ली। उसे नशे की हालत में उत्पात मचाने पर हिरासत में लिया गया था। उधर, युवक के परिजनों ने आरोप लगाया है कि यह खुदकुशी नहीं हत्या है।
डीएसपी भागवत सिंह हिंगड़ ने गुरुवार को बताया कि कमल लोधा को नयापुरा थाने में बुधवार शाम करीब पांच बजे लाया गया था। उसके खिलाफ उसकी चाची व भतीजे रवि ने शिकायत दर्ज कराई थी। उनका आरोप था कि कमल नशे की हालत में परिवार में और आसपास उत्पात मचा रहा था।
पुलिस के अनुसार कमल को मस्जिद नयापुरा थाने लाया गया था। उस वक्त उसके साथ उसकी मां भी थी। बाद में मां आरोपी की गिरफ्तारी की प्रक्रिया पूरी करने के लिए उसका परिचय पत्र व फोटो लेने के लिए घर चली गई थी। इसी दौरान कमल ने कहा कि उसे शौच जाना है। इस पर उसे बैरक में बने शौचालय ले जाया गया। वहां उसने अपनी शर्ट से फंदा बनाकर शाम करीब 7.15 बजे लोहे की ग्रिल से लटककर फांसी लगा ली। डीएसपी हिंगड़ ने कहा कि मामले की मजिस्ट्रियल जांच के आदेश दे दिए गए हैं।
पूर्व भाजपा विधायक संग परिजनों ने दिया थाने के बाहर धरना
घटना को लेकर मृतक कमल लोधा के परिजनों ने पूर्व भाजपा विधायक प्रहलाद गुंजाल के नेतृत्व में थाने के बाहर धरना दिया और थाने के पूरे स्टाफ को निलंबित करने व पुलिसकर्मियों के खिलाफ हत्या का केस दर्ज करने की मांग की। परिजनों ने मृतक के आश्रितों को 10 लाख रुपये मुआवजा देने की भी मांग की। परिजनों ने मृतक के पोस्टमॉर्टम कराने व शव लेने से भी इनकार कर दिया। उन्हें समझाने के प्रयास जारी थे। कोटा के सिटी एसपी विकास पाठक भी मौके पर पहुंचे व परिजनों को शांत करने का प्रयास किया।
चोरी के चार केस व अवैध हथियार के पांच केस दर्ज थे
इस बीच, पुलिस ने बताया कि मृतक कमल लोधा पर चोरी के चार और अवैध हथियार रखने के पांच केस दर्ज थे। 26 अगस्त को भी उसके खिलाफ इसी थाने में नशे में उत्पात मचाने का केस दर्ज किया गया था।