स्पेन में आयोजित सम्मेलन की तस्वीर
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युवा पीढ़ी की भागीदारी आवश्यक
अक्षिता ने अपने संबोधन में कहा कि शिक्षा के माध्यम से युवाओं को जागरुक करके समाज को अधिक सुरक्षित बनाया जा सकता है। उन्होंने कहा, यदि हम किशोरों और युवाओं को इस समस्या की पहचान करने और इससे बचने के उपाय सिखाएं तो हम इस वैश्विक संकट को काफी हद तक रोक सकते हैं।
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‘सर्वश्रेष्ठ प्रतिनिधि पुरस्कार’ से सम्मानित
अक्षिता के प्रभावशाली तर्कों और उनके दृढ़ संकल्प के कारण उन्हें ’सर्वश्रेष्ठ प्रतिनिधि’ के पुरस्कार से नवाजा गया। उनके विचारों को सम्मेलन में उपस्थित सभी प्रतिभागियों और निर्णायकों ने खूब सराहा। यह पुरस्कार न केवल उनके लिए बल्कि कोटा एवं संपूर्ण भारत के लिए गर्व का विषय है। संयुक्त राष्ट्र के इस सम्मेलन ने वैश्विक स्तर पर युवाओं की शक्ति और उनकी जागरुकता की अहमियत को दर्शाया। अक्षिता जैसे प्रेरणादायक युवा प्रतिनिधियों के प्रयासों से भविष्य में मानव तस्करी जैसी भयावह समस्या को समाप्त करने की दिशा में ठोस कदम उठाए जा सकते हैं।