आमजन में पुलिस के प्रति धारणा है कि कार्रवाई में बेवजह देरी की जाती है। लेकिन राजस्थान की कोटा पुलिस ने इस धारणा पर ब्रेक लगाया है। सोमवार को कोटा शहर के रेलवे कॉलोनी थाना प्रशासन के द्वारा एक मासूम बालिका के साथ दुराचार करने वाले आरोपी के खिलाफ कोर्ट में 72 घंटे में चालान पेश की कार्रवाई अंजाम दे दी।
आरोपी को पुलिस ने दुष्कर्म की घटना के 6 घंटे बाद ही गिरफ्तार कर लिया था
मामले के आरोपी को पुलिस ने दुष्कर्म की घटना के 6 घंटे बाद ही गिरफ्तार कर लिया था। कोटा रेलवे कॉलोनी थाना पुलिस ने बालिका के साथ घिनौना कृत्य करने के मामले को बड़ी गंभीरता से लिया था। जैसे ही पुलिस को इस मामले की सूचना मिली। एक स्पेशल टीम गठित कर सबसे पहले आरोपी को गिरफ्तार किया, उसके बाद उसे सजा दिलाने की कार्रवाई भी उतनी ही तेजी से शुरू की।
कोटा पुलिस ने त्वरित कार्रवाई कर पेश की मिसाल
कोटा पुलिस ने दुष्कर्म के आरोपी के खिलाफ त्वरित कार्रवाई की मिसाल पेश की है। इस प्रकरण की जांच एएसपी स्तर के अधिकारी राम कल्याण मीणा को सौंपी गई थी। पुलिस ने आरोपी की गिरफ्तारी के बाद दिन रात एक कर महज 72 घंटे में वह तमाम सबूत एकत्र किए जो आरोपी को कठोर सजा दिला सके। पुलिस ने करीब 80 पेज का आरोप पत्र कोर्ट में दाखिल किया है। रेलवे कॉलोनी थाना पुलिस के मुताबिक छह साल की मासूम बच्ची से उसी के पड़ोस में रहने वाले एक युवक ने दुष्कर्म किया। बच्ची के पिता मजदूरी पर गए हुए थे और पीछे से युवक ने बच्ची को घर में अकेला पाकर उसे बेर खिलाने का झांसा देकर सुनसान एक मकान में ले गया और उसके साथ घिनौना कृत्य किया। आरोपी ने बालिका के साथ दुराचार 3 दिसंबर को किया और आज कोटा पुलिस 6 दिसंबर को दरिंदे को कड़ी से कड़ी सजा दिलाने के लिए आरोप पत्र न्यायालय में पेश कर दिया। घटना के बाद थाने में रिपोर्ट दर्ज कराने के बाद जिस तरह से पुलिस ने आरोपी के खिलाफ कार्रवाई की है, उस हिसाब से पीड़ित परिवार न्यायालय से आरोपी को सख्त से सख्त सजा देने की उम्मीद कर रहा है। रेलवे कॉलोनी थाना प्रभारी मुनींद्र सिंह ने अपनी टीम के साथ इस कार्रवाई को गंभीरता के साथ अंजाम दिया।