कोटा कलेक्ट्रेट परिसर में बने सब-रजिस्ट्रार कार्यालय को पांच किलोमीटर दूर यूआईटी परिसर में स्थानांतरित करने के विरोध में वकीलों ने जिला कलेक्टर पर प्रदर्शन किया। कार्यालय शिफ्टिंग के विरोध में वकीलों ने जमकर नारेबाजी की और इस निर्णय का विरोध किया।
दरअसल, उप-पंजीयक द्वितीय कोटा को नयापुरा कोटा से यूआईटी कार्यालय परिसर कोटा में हस्तांतरित कर दिया गया है। जबकि वर्तमान में राज्य सरकार द्वारा लाखों रुपये खर्च कर कार्यालय का दोबारा निर्माण करवाया गया। साथ ही नयापुरा कोटा में जिला कलेक्टर कार्यालय, उपखंड कार्यालय, तहसील कार्यालय सहित अन्य महत्वपूर्ण विभाग/कार्यालय होने के कारण जहां वकील, आमजन का आवागमन रहता है। वहीं, उप-पंजीयक कार्यालय के नयापुरा कोटा से सीएडी सर्किल (नगर विकास न्यास कोटा) में हस्तांतरित होने से वकिलों व आमजन को परेशानी व असुविधा होगी।
अभिभाषक परिषद कोटा इस निर्णय का कड़ा विरोध करती है। पूर्व कांग्रेस सरकार के समय किसी प्राइवेट कंपनी को लाभ पहुंचाने के लिए पंजीयन का कार्य ठेके पर दिया गया था। उसी कंपनी से मिलीभगत कर सरकारी भवन निशुल्क उपलब्ध होते हुए भी किराए पर भवन लिया गया है, जिसमें भ्रष्टाचार की बू स्पष्ट रूप से आती है।
केंद्र में मोदी और राज्य में भारतीय जनता पार्टी की सरकार, सरकारी धन का दुरुपयोग रोकने के लिए कटिबद्ध है। भ्रष्टाचार पर जीरो टॉलरेंस की नीति पर कार्य कर रही है। इसलिए गत सरकार द्वारा मिलीभगत कर जनता के हितों की अनदेखी करते हुए निजी कंपनी का कार्य ठेके पर दिए जाने को रद्द किया जाना अत्यन्त आवश्यक है। अभिभाषक पदिषद कोटा यह मांग करती है कि कार्यालय उप पंजीयक द्वितीय कोटा को वापस पुराने कार्यालय में सुचारू रूप से चालू किया जाए अन्यथा अभिभाषक परिषद द्वारा आंदोलन किया जाएगा।