सभी राजनैतिक दल किसान का उपयोग कर रहे हैं। हमें संगठित होकर किसान हित में काम करना चाहिए, जैविक कृषि जो हमारी परंपरा है, उसे अपनाना चाहिए। ये बात केकड़ी में आयोजित आध्यात्मिक सम्मेलन के अंतर्गत स्वामी चेतनानंद सरस्वती ने कही।
यह सम्मेलन यहां आर्य समाज मंदिर में 100 कुंडीय महायज्ञ के अंतर्गत आयोजित किया गया। सम्मेलन में पूर्व राजनयिक और भारतीय संस्कृति शिक्षक डॉ. मोक्षराज ने कहा कि अमेरिका के लोग भारतीय मसालों और व्यंजनों को बहुत पसंद करते हैं। यह हमारे किसानों की बड़ी जीत है।
इस अवसर पर मुम्बई निवासी अंतरराष्ट्रीय ख्याति प्राप्त वैदिक विद्वान एवं रानी पद्मिनी कन्या गुरुकुल चित्तौड़गढ़ के अधिष्ठाता डॉ. सोमदेव शास्त्री ने कहा कि वेदों में समस्त प्राणियों के हित के लिए हजारों मंत्रों का उल्लेख है। उन्होंने कहा कि यज्ञ से पर्यावरण शुद्ध होता है, ज्ञान की वृद्धि होती है, सामाजिक संगठन होता है।
आध्यात्मिक सम्मेलन में वैदिक विद्वान स्वामी चेतनानंद सरस्वती, स्वामी दयानंद भरतपुर, आचार्य वरुण देव जोधपुर, आर्य प्रतिनिधि सभा के प्रधान किशनलाल गहलोत, आर्य प्रतिनिधि सभा के मन्त्री जीववर्धन शास्त्री, आर्य प्रतिनिधि सभा राजस्थान के प्रवक्ता डॉ मोक्षराज, आचार्य भवदेव शास्त्री, नरदेव आर्य, सुखलाल आर्य आदि उपस्थित थे।
आर्य समाज केकड़ी के शताब्दी महोत्सव में आयोजित इस महायज्ञ में विभिन्न वैदिक क्रियाओं के अंतर्गत गुरुकुल की कन्याओं ने चारों वेदों के चुने हुए मंत्र पढ़े। आर्य वीर दल व आर्य वीरांगनाओं ने व्यायाम प्रदर्शन किया। जिसमें जूडो कराटे, आसन, लेजियम, स्तूप आदि प्रदर्शित किए गए। आर्य प्रतिनिधि सभा राजस्थान के मंत्री जीव वर्धन शास्त्री ने कहा कि आर्य समाज किसानों के साथ है। आचार्य वरुण देव जोधपुर ने महर्षि दयानंद सरस्वती के जीवन पर प्रकाश डाला। आचार्य भवदेव शास्त्री ने "ज्योत से ज्योत जलाते चलो प्रेम की गंगा बहाते चलो” गीत प्रस्तुत किया। कार्यक्रम का संचालन सत्यनारायण सोनी ने किया।