राजस्थान के पूर्व विधानसभा अध्यक्ष और वर्तमान में शाहपुरा-बनेड़ा सुरक्षित विधानसभा क्षेत्र से भाजपा विधायक कैलाश मेघवाल ने प्रेस क्लब शाहपुरा के लोकार्पण कार्यक्रम में संबोधित करते हुए कहा कि सन् 1952 से ही यह शाहपुरा विधानसभा क्षेत्र अनुसूचित जाति के लिए आरक्षित है। यह कहने में मुझे आज की राजनीति में कोई एतराज नहीं है कि अनुसूचित जाति के लोगों को राजनीतिक पार्टियां गुलाम की तरह रखती हैं। उनको स्वतंत्र बोलने की आजादी नहीं होती है। अगर अनुसूचित जाति के राजनेता स्वतंत्र बोलते हैं तो टिकट कट हो जाते हैं। इसलिए राजनीति में हमें ध्यान रखना पड़ता है।
समारोह को संबोधित करते हुए कैलाश मेघवाल ने कहा की इस देश को न तो मुगलों ने चलाया न अंग्रेजों ने चलाया न ही इस देश को आज के राजनेता चला रहे हैं। इस देश को तो समृद्ध और साफ रूप से चला रहे हैं तो संन्यासी परंपरा के अग्रदूत चला रहे हैं। मैं इस मंच से ऐसे जगतगुरु स्वामी रामदयाल जी महाराज का हृदय से स्वागत करता हूं। ये धर्म की ध्वजा केवल शाहपुरा में ही नहीं संपूर्ण देश और दुनिया में आप जो फैला रहे हैं वह बहुत बड़ा ही प्रशंसनीय काम कर रहे हैं। कैलाश मेघवाल के इस सियासी बयान से राजनीतिे गलियारों में सियासी चर्चाएं शुरू हो गई हैं।