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Rajasthan News: ओरण भूमि हमारे लिए पूजनीय स्थल है…हमारे अस्तित्व का प्रतीक भी है, शिव विधायक भाटी बोले

Thu, 28 Nov 2024 12:38 PM IST
शबाहत हुसैन न्यूज डेस्क, अमर उजाला, जोधपुर

सार

Rajasthan News: शिव विधायक रविंद्र सिंह भाटी ने पहले ही कहा था कि यह सिर्फ जमीन का सवाल नहीं है। यह हमारी पहचान, हमारी धरोहर और हमारी प्रकृति की रक्षा का प्रश्न है। उन्होंने कहा था कि यह ओरण और गोचर की जमीन है, जो न केवल हमारी संस्कृति बल्कि हमारे अस्तित्व का प्रतीक भी है।

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शिव विधायक रविंद्र सिंह भाटी - फोटो : अमर उजाला
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विस्तार
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शिव विधायक रविंद्र सिंह भाटी बाड़मेर-जैसलमेर ओरण भूमि को लेकर लगातार संघर्ष कर रहे हैं। इसी ओरण भूमि को लेकर रविंद्र सिंह भाटी ने कहा कि यह ओरण भूमि हमारे लिए पूजनीय स्थल है। यहां सरकार की ओर से कोई ठोस आश्वासन नहीं दिया जा रहा है।

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प्रशासन भी इस मामले को लेकर लीपापोती कर रहे हैं। साथ ही उन्होंने कहा कि जब तक इस ओरण भूमि को लेकर लिखित में कोई चीज नहीं आती, तब तक यह मुद्दा इसी तरह चलता रहेगा और हमारी विरासत है सांस्कृतिक धरोहर है। हम सब का कर्तव्य है कि इस बचाया जाए।

वहीं डिस्कॉम की ओर से किसानों को बिजली नहीं देने के मामले को लेकर रविंद्र सिंह भाटी ने कल बाड़मेर-जैसलमेर के डिस्कॉम कार्यालय गए और अधिकारियों को फटकार भी लगाई। इस मामले को लेकर उन्होंने कहा कि पश्चिमी राजस्थान में आज सबसे बड़ा विद्युत उत्पादन क्षेत्र बाड़मेर जैसलमेर है। वहां पर सबसे बड़ा संकट बिजली का है।
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जो क्षेत्र सबसे ज्यादा बिजली देता है, वही दीए तले अंधेरा जैसा मामला है। उन्होंने कहा कि वहां के किसान त्राहिमाम-त्राहिमाम कर रहे हैं। सरकार लगातार कहती रही है कि हम किसानों को 6 घंटे बिजली देंगे, लेकिन 6 घंटे तो बहुत दूर की बात 1 घंटे भी बिजली पूरी नहीं मिल पाती, जिससे किसानों को फसल बुवाई के लिए और पिलाई के लिए दिक्कतों का सामना करना पड़ रहा है।

वहीं रविंद्र सिंह भाटी ने कहा कि मैं एक-एक जीएसएस पर गया और वाक्य में ही वहां पर कई तरह की लापरवाहियां सामने आई है। इसके बाद उन्होंने कहा कि मैं डिस्कॉम के चीफ से भी मिला और मैं सख्त रूप से कहा है कि यह जो समस्या है उसका निस्तारण जल्द से जल्द किया जाए अन्यथा डिस्कॉम के कार्यालय का घेराव किया जाएगा।

वहीं सरकार के लापरवाह अधिकारियों को सरकार अधिकांश से बाड़मेर जैसलमेर लगा देती है। इस सवाल पर उन्होंने कहा कि वर्तमान और पिछली सरकार है बाड़मेर जैसलमेर को डस्टबिन समझ के रखा है। जो भी लापरवाह अधिकारी होते हैं, उनको बाड़मेर जैसलमेर लगा दिया जाता है जोकि गलत है।

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