राजस्थान के संसदीय कार्य, विधि एवं न्याय मंत्री जोगाराम पटेल बुधवार को जोधपुर के सर्किट हाउस में जनसुनवाई किए। इस जनसुनवाई में दूरदराज के ग्रामीण भी पहुंचे और अपनी समस्याओं को बताया। इस दौरान कैबिनेट मंत्री जोगाराम पटेल ने मीडिया से बात करते हुए कहा कि यूपी चुनाव हुए और उपचुनाव में सातों विधानसभा सीटों में से पांच बीजेपी ने जीती। इसलिए मैं वहां के मतदाताओं को धन्यवाद देता हूं।
उन्होंने मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा द्वारा किए गए कार्यों और बजट की घोषणाओं को बेरोजगार युवाओं को रोजगार देने का संकल्प और उनकी क्रियान्विति पर मोहर लगाई है। वहीं, उन्होंने कहा कि हमारी सरकार का संकल्प है कि एक लाख युवाओं को रोजगार देंगे। वहीं, भर्ती के सवाल पर उन्होंने कहा कि यह विषय सरकार के सम्मुख विचाराधीन है और चूंकि यह विषय न्यायालय में विचाराधीन है। इसलिए इस पर ज्यादा और कुछ कहने की स्थिति में नहीं हैं। न्यायालय में जो भी निपटने के उपरांत अगर न्यायालय को आदेश देता है, उसकी पालना होगी। अन्यथा सरकार उनके समक्ष विचाराधीन रिपोर्ट की समीक्षा कर न्याय उचित निर्णय लेगी। वह कोर्ट का अंतरिम आदेश है। सरकार उसकी पालना कर रही है। मामला न्यायालय में विचाराधीन है, उस पर टीका-टिप्पणी करना ठीक नहीं है और जब तक न्यायालय पोस्टिंग का भर्ती के संबंध में आदेश का निर्णय का इंतजार करेगी। सरकार न्यायालय समक्ष अपना पक्ष रखा।
लोकेश शर्मा पर ये बोले मंत्री
वहीं, लोकेश शर्मा के सवाल पर कैबिनेट मंत्री ने कहा कि लोकेश शर्मा एकदम पूर्ववर्ती सरकार के मुखिया के सबसे नजदीकी अधिकारी थे। हमने जो आरोप लगाया था, उस वक्त हम आप कहते थे आज पुख्ता प्रमाण है कि हमारे जन प्रतिनिधियों के फोन टैप किया जा रहे थे। उस वक्त हमको गलत बताया गया। लेकिन तत्कालीन मुख्यमंत्री के ओएसडी ने स्वयं स्वीकारा कि हां मैंने ही मुख्यमंत्री के कहने से जनप्रतिनिधियों के फोन टैप किए थे, जिसमें जोधपुर के सांसद गजेंद्र सिंह शेखावत भी शामिल थे। आज इस बात का पुख्ता प्रमाण हो गया है कि उन्होंने फोन टैपिंग किए और उनके फोन टैपिंग की स्वीकृतियों के आधार पर उन्हें गिरफ्तार किया गया। मामला न्यायलय में विचाराधीन है और मैं तो यह कह सकता हूं कि निंदनीय कार्य किसी की सुरक्षा किसी की निष्पक्षता का और व्यक्तिगत स्वतंत्रता पर फोन टैपिंग कर प्रहार करना गलत था। ऐसे कार्य का हमेशा निंदा करते हैं और चूंकि मामला न्यायालय में विचाराधीन है।
मंत्री पटेल ने कहा, कानून के हाथ बहुत लंबे हैं। कानून से कोई बच नहीं सकता, जिन्होंने गुनाह किया वह सब फसेंगे। इतना इशारा आपको कर सकता हूं। छोटी मछली लोकेश शर्मा फंसे हैं, बड़े मगरमच्छ कितने दिन बाहर घूम लें, वह भी कानून के दायरे में आएंगे। वहीं, उदयपुर मामले को लेकर उन्होंने कहा कि सरकार के संज्ञान से पहले तो उनका व्यक्तिगत विषय है। राजतिलक होना नहीं होना यह उनका व्यक्तिगत विषय है। परंतु लॉ एंड ऑर्डर मेंटेन करने का सरकार का काम है। सरकार ने वहां पुलिस व्यवस्था कर दी है। धारा-144 की कार्रवाई कर दी है। वहां पर भी मामला न्यायालय में विचाराधीन है। इस पर मैं सिर्फ इतनी बात कहूंगा, कानून को मनाना चाहिए। भाईचारा कायम रखना चाहिए। आप सब भाइयों का मामला सड़कों पर आना ठीक बात नहीं है।