केंद्रीय जलशक्ति मंत्री गजेंद्र सिंह शेखावत ने सोमवार को कांग्रेस सरकार और मुख्यमंत्री अशोक गहलोत पर जोरदार हमला बोला। उन्होंने कहा कि जिस तरह रावण की जान उसकी नाभि में थी, उसकी प्रकार भ्रष्टाचार रूपी रावण का नाभिकेंद्र सरदारपुरा में है। इसे यहां से हराना ही है। उन्होंने भाजपा कार्यकर्ताओं से मुख्यमंत्री अशोक गहलोत को हराने के लिए जी जान से जुटने का आह्वान किया।
शेखावत भाजपा प्रत्याशी डॉ. महेन्द्र सिंह राठौड़ की नामांकन सभा को संबोधित कर रहे थे। उन्होंने कहा कि कांग्रेस की गहलोत सरकार ने राज्य में भ्रष्टाचार के नए कीर्तिमान स्थापित किए। सरकार के संरक्षण में भ्रष्टाचार हुआ। कांग्रेस के विधायकों ने भ्रष्टाचार का तांडव मचा दिया। जनता इससे रूष्ट है और इस सरकार का जाना अवश्यंभावी है।
राजस्थान की पहचान पर संकट
शेखावत ने कहा कि भूमिका का निर्वहन किया था। युवाओं के सपनों, महिला असुरक्षा और तुष्टिकरण जैसे मामलों में हमने कई आंदोलन किए। आक्रोश को ज्वालामुखी की तरह भड़काने के लिए आंदोलन किए। लगातार हो रहे महिला अत्याचारों के कारण राजस्थान की पहचान पर संकट हो गया। जिस राजस्थान की पहचान मीरां बाई की भक्ति, पन्नाधाय की स्वामिभक्ति और कर्माबाई के खींच से थी। उस राजस्थान की पहचान अब महिला अत्याचार वाले प्रदेश के रूप में हो गई है। उन्होंने कहा कि गहलोत सरकार ने राजस्थान को रैप की केपिटल बना दिया। इस सरकार ने राजस्थान के मुंह पर कालिख पोतने का पाप किया है।
कहीं भूमाफिया तो कहीं खनन माफिया
उन्होंने कहा कि सरकार के संरक्षण में माफियाराज पनपा। कहीं भूमाफिया तो कहीं खनन माफिया तो कहीं बजरी माफिया पनप गया। अपराध बढ़ते चले गए। इसके चलते पिछले पांच साल में सात हजार दो सौ से ज्यादा निरीह लोगों की हत्या हुई।
नाभिकेंद्र पर वार करना है
शेखावत ने रामायण में रावण का दृष्टांत देते हुए कहा कि जिस पर प्रकार रावण की जान उसकी नाभि में थी। उसी प्रकार राजस्थान में भी भ्रष्टाचार सहित अन्य दस बुराई रूपी रावण सरकार है। इसके मुखिया का नाभिकेंद्र सरदारपुरा में है। इस नाभिकेंद्र पर वार करना है। यहां से गहलोत को हराना है।
सरदारपुरा के गड्ढों में छिपी है सरकार की पहचान
केंद्रीय मंत्री ने सरदारपुरा विधानसभा क्षेत्र की खस्ता हालत पर टिप्पणी करते हुए कहा कि जब भी मैं दूसरे प्रदेशों में जाता हूं। वहां के मुख्यमंत्री के विधानसभा क्षेत्र अलग ही चमकता हुआ दिखता है, लेकिन यहां मुख्यमंत्री सरदारपुरा शहर के हैं। यहां की सड़कों के हालात देख लो। इन सड़कों में सरकार के गड्ढे नजर आ जाएंगे। गहलोत 15 साल से विधायक हैं, लेकिन अपनी ही विधानसभा की सुध नहीं ली। वे कभी सर्वसुलभ नहीं रहे, लेकिन डॉ. महेन्द्र सिंह जी एक फोन कॉल पर उपलब्ध रहेंगे।
कार्यकर्ताओं को दिलाया संकल्प
उन्होंने कार्यकर्ताओं को संकल्प दिलाया कि एक-एक कार्यकर्ता को भाजपा प्रत्याशी के रूप में ही कार्य करना है। उसी प्रकार चुनाव प्रचार में अपने आप को झोंक देना है और चुनाव तक न रुकना है और न ही किसी से डरना है।