जोधपुर में सड़कों पर पानी छींटकर लू से राहत की कोशिश।
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सनसिटी में सूरज आग उगल रहा है और गर्मी के तांडव की वजह से शहर तपने लगा है। शहर में सुबह आठ बजे से चिलचिलाती धूप ने परेशानी बढ़ा दी। बीते एक सप्ताह से भीषण गर्मी कहर बरपा रही है लेकिन अब तापमापी का पारा 47.4 डिग्री पार पहुंच गया। निरंतर चढ़ने से लोग बेहाल होने लगे है। गर्मी व तेज धूप के कारण पूरा जोधपुर शहर भट्टी की तरह तप रहा हैं। सूर्योदय के साथ शुरू हो रहा तपन का असर रात को भी महसूस होने लगा है। वहीं शहर और ग्रामीण इलाकों में इस पर बार-बार हो रही बिजली कटौती लोगों को बेहाल कर रही है।
मौसम विभाग की माने अगले चार दिन गर्मी से राहत मिलने के कोई आसार नहीं है। सूर्यनगरी में सुबह सात बजे से ही चिलचिलाती धूप परेशानी बढ़ा रही है। आलम यह है कि दोपहर में तो घरों से बाहर निकलना मुश्किल हो गया है। दोपहर में बाजारों और सडकों पर कर्फ्यू के जैसा नजारा रहता है। अगले तीन-चार दिन आग उगल रही गर्मी से राहत की उम्मीद भी फिलहाल नजर नहीं आ रही है। मौसम विभाग ने अगले 72 घंटे में दिन में पारा 48 डिग्री तक रहने की आशंका के साथ रेड अलर्ट जारी किया है। आज भी चिलचिलाती धूप से दिन में अधिकतम तापमान 47.4 डिग्री तक पहुंच गया। रात का न्यूनतम तापमान भी 36 से 37 डिग्री सेल्सियस तक पहुंच गया है। इसके चलते लोगों को अब दिन में ही नहीं, रात को भी तेज गर्मी का अहसास हो रहा है। दोपहर में बाजारों और सडकों पर कर्फ्यू जैसा नजारा रहा।
घरों से नहीं निकल पा रहे लोग
शुक्रवार को भी लोगों को झुलसाने वाली गर्मी का सामना करना पड़ा। दोपहर में आसमान से मानो अंगारे बरसते रहे। गर्म हवा के थपेड़े भी पड़ते रहे। झुलसा देने वाली गर्मी के चलते जनजीवन प्रभावित रहा। लोग गर्मी के तेवर देखकर घरों से कम ही निकले। जरूरी काम से ही लू और गर्मी से बचाव का इंतजाम कर बाहर निकले। बता दे कि पिछले करीब एक सप्ताह से गर्मी का असर काफी बढ़ रहा है। औसतन अधिकतम तापमान 47 डिग्री सेल्सियस चल रहा है। इसके चलते लोग गर्मी से हाल बेहाल हो रहे है। इसमें राहगीर और दुपहिया वाहन चालक काफी परेशान हो रहे है। उन्हे लू और गर्मी से बचने के लिए जूस आदि का सहारा लेना पड़ रहा है।
ट्रांसफार्मरों को कूलर से कर रहे हैं ठंडा
सूर्योदय के साथ शुरू हो रहा तपन का असर रात तक महसूस हो रहा है। इस पर बार-बार हो रही बिजली कटौती कोड़ में खाज का काम कर रही है। विद्युत लोड बढ़ने से कई ट्रांसफार्मर हांफने लग गए है। ट्रांसफार्मर को ब्लास्ट होने से बचाने के लिए उन्हें कूलर की हवा से ठंडा किया जा रहा है।