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Jodhpur: वन विभाग में नौकरी दिलाने का झांसा देकर दंपती से 21 लाख की ठगी, ठग ने खुद को बताया RAC का कर्मचारी

Thu, 13 Jun 2024 07:17 PM IST
अरविंद कुमार न्यूूज डेस्क, अमर उजाला, जोधपुर

सार

वन विभाग में नौकरी दिलाने का झांसा देकर एक दंपती से 21 लाख रुपये की ठगी हुई है। बता दें कि ठग ने खुद को आरएसी का कर्मचारी बताया था।
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सांकेतिक तस्वीर - फोटो : अमर उजाला
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विस्तार
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जोधपुर शहर के भदवासिया फल मंडी में कारोबार करने वाले एक व्यक्ति से वन विभाग में नौकरी लगवाने का झांसा देकर 21 लाख रुपये ठग लिए गए। नौकरी पीड़ित के साथ उसकी पत्नी की भी लगवाने को कहा गया। आरोपी ने खुद का आरएसी का कर्मचारी बताया और नेताओं से अच्छी जान पहचान बताकर यह ठगी की है। इसमें एक स्कूल संचालक का नाम भी सामने आया है, जहां पर फर्जी अभ्यर्थी को बैठाकर परीक्षा पास करने की बात कही गई है।

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महामंदिर पुलिस ने धोखाधड़ी का प्रकरण दर्ज करते हुए अब जांच आरंभ की है। रामसागर चौराहा अशोक कालोनी माता का थान हाल पावटा संजीवनी आनंदा में रहने वाले जसराज चौधरी पुत्र जोगाराम जाट की तरफ से यह मामला दर्ज कराया गया है। इसमें बताया कि वह भदवासिया मंडी में फल का कारोबार करता है। उसकी दुकान पर दिनेश कुमार सारण नाम का शख्स आता जाता था। फल खरीदने के बहाने उसने जान पहचान बढ़ाई और कहा कि वह उसकी सरकारी नौकरी लगवा सकता है। वह खुद आरएसी में नौकरी करता है। उसकी जान पहचान के कई अधिकारियों और नेताओं से है। नौकरी लगवाने के लिए कहा कि वह चाहे तो पत्नी की नौकरी भी लगवा सकता है। वन विभाग में सीधी भर्ती के तहत दोनों की नौकरी लगवा देगा। इसके लिए 22 लाख रुपये लगेंगे, आगे अफसरों को भी देना होता है।

चिंता मत करो, मैं सब काम करवा दूंगा
पीड़ित जसराज चौधरी का कहना है कि दिनेश कुमार सारण ने 26 मई 22 से लेकर पांच जून 23 तक के बीच में दोनों पति-पत्नी की सरकारी नौकरी के लिए 21 लाख रुपये उसे दे दिए। पीड़ित ने कहा कि वह 12वीं पास है और बीएसटीसी का पात्र है तो कहा गया कि उसकी चिंता मत करो, मैं सब काम करवा दूंगा। वह तो केवल पैसे का बंदोबस्त रखता रहे।
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आरोपी दिनेश कुमार सारण को पहली बार 26 मई 22 को पौने पांच लाख रुपये दिए गए। इसके दो दिन बाद तीस हजार रुपये दिए गए। वन विभाग में वनरक्षक की सीधी भर्ती का प्रलोभन देता रहा। बाद में उसने उसके भाई मनोहर सारण से भी मिलवाया और इसके बाद एक निजी स्कूल संचालक बलवीर सारण से मिलवाया गया। इस स्कूल में किसी ओमप्रकाश ने उसके स्थान पर परीक्षा पास कराने की बात को लेकर 50 हजार रुपये लिए गए। 31 जनवरी 23 को उसके बाड़मेर एड्रेस पर भोपाल से पैरा मेडिकल काउंसिंग का लेटर मिला, जिसमें कहा गया कि उसका आवेदन निरस्त किया जाता है।

चुनाव का बहाना बनाकर बोला कि सभी व्यस्त हैं 
तब शातिर दिनेश कुमार ने कहा कि उसी ने ही यह आवेदन निरस्त करवाया है। वह चाहता है कि दोनों की नौकरी राजस्थान में ही लगे। इस तरह आरोपी उससे नौकरी के नाम पर रुपये ठगता रहा और फिर चुनाव का बहाना बनाकर बोला कि सभी व्यस्त हैं और तुम्हारा काम हो जाएगा। मगर दो साल बाद भी न तो नौकरी लग पाई और न ही रुपये लौटा रहा। पुलिस ने प्रकरण में चार लोगों को नामजद करते हुए अब जांच आरंभ की है।

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