पाकिस्तान से विस्थापित होकर उम्मीदों के साथ भारत आए और जोधपुर में बसे हिंदुओं के घरों को सोमवार को जोधपुर विकास प्राधिकरण के पीले पंजों ने ढहा दिया। राजीव गांधी नगर सेक्टर-सी चौखा गांव इलाके का यह मामला है। जहां 400 बीघा जमीन पर अवैध अतिक्रमण बताते हुए 70 मकान समेत 200 अवैध निर्माण हटाए गए। इस दौरान जेसीबी पर बस्ती के लोगों ने पथराव कर दिया। घटना में जेसीबी के शीशे टूट गए और जेसीबी ड्राइवर का सिर फट गया। सोमवार को जोधपुर शहर के पास चौखा गांव में जेडीए की जमीन पर अतिक्रमण बताते हुए प्राधिकरण टीम ने निर्माणों को ध्वस्त कर दिया।
नोटिस थमाने के बाद आशियानों को किया ध्वस्त
पाकिस्तान से आए पाक विस्थापितों द्वारा सरकारी जमीन पर मकान बनाकर रहने के मामले में जेडीए ने पहले तो नोटिस थमाया। फिर उसके बाद उनके आशियानों को ध्वस्त कर दिया। जेडीए अधिकारी अतिक्रमण को हटाने के लिए अतिक्रमण निरोधक दस्ते के साथ पहुंचे थे। अतिक्रमण हटाने के दौरान कुछ मीडिया कर्मी भी वहां मौजूद थे। इसके अलावा पुलिस का पूरा जाब्ता भी तैनात किया गया था। यह घटना सोमवार सुबह की है।
‘पैसा देकर खरीदी थी जमीन’
चौखा इलाके में सरकारी जमीन पर पैसा लेकर कब्जा दिलाने के मामले का भी खुलासा हुआ है। पाक विस्थापितों का कहना है कि उन्होंने पैसा देकर यहां जमीन खरीदी थी। उसके बाद उन्होंने यहां निर्माण कराया। लेकिन जेडीए का कहना है कि यह पाक विस्थापित अतिक्रमण करके यहां रह रहे थे। अभी पूरा मामला जांच का विषय है। लेकिन फिलहाल यह मामला तूल पकड़ता जा रहा है। इस मामले को लेकर गूंज जयपुर तक पहुंच जा पहुंची है। अतिक्रमण हटाने के दौरान झड़प भी हुई। जहां कई लोग चोटिल भी हुए। कुछ मीडियाकर्मियों से भी बदसलूकी की खबरें हैं।
सरकार को भेजी गई मामले की रिपोर्ट
चौकी क्षेत्र से सरकारी जमीन से अवैध अतिक्रमण हटाने के मामले को लेकर सरकार ने जोधपुर जिला कलेक्टर, पुलिस कमिश्नर से भी इस मामले में पूरी जानकारी ली है। फिलहाल पूरे मामले को लेकर सरकार भी फूंक-फूंक पर कदम रख रही है, क्योंकि मामला पाक विस्थापितों से जुड़ा हुआ है।
भारत में रहने का है वीजा
इन पाक विस्थापित अधिकांश लोगों के पास भारत में रहने के लिए लॉन्ग टर्म वीजा है। लेकिन अब तक बहुत से परिवारों को भारत की नागरिकता भी नहीं मिली है। अपने आशियाने टूटते देखकर कई महिलाएं गश खाकर गिर गईं, तो कई रोती-बिलखती भी दिखाई दीं।
पीड़ितों ने दर्द बयां करते हुए कहा कि पाकिस्तान में हम बर्बाद थे, यहां पर भी हम बर्बाद हैं। पाक विस्थापितों का यह भी कहना था कि यह जमीन हमने खरीदी है। इसके लिए दलालों के जरिए 70 हजार रुपये से लेकर दो लाख रुपये तक प्लॉटों की कीमत चुकाई है।
जेडीए एफआईआर दर्ज कराने की तैयारी में जुटा
जेडीए आयुक्त नवनीत कुमार ने बताया कि अतिक्रमण हटाने की कार्रवाई से पहले हमने नोटिस भी दिया था। नोटिस का जवाब नहीं आने के बाद अतिक्रमण हटाने की कार्रवाई की गई है। सरकारी जमीन पर अवैध अतिक्रमण कर रखा था। नवनीत कुमार ने बताया जिन लोगों ने अतिक्रमण किया, उनका कहना था कि उन्होंने यह जमीन खरीदी है। लेकिन उनके पास कोई पट्टा या दस्तावेज नहीं थे। जेडीए ने उनसे कहा है कि जिससे जमीन खरीदी है उसके खिलाफ एफआईआर दर्ज करवाई जाए। जेडीए भी इसमें सहयोग करेगा और कानूनी कार्रवाई की जाएगी। फिलहाल इस पूरे मामले को लेकर FIR दर्ज कराने की तैयारी की जा रही है। जल्द ही एफआईआर करवाई जाएगी।