क्या आसाराम अपने साम्राज्य को फिर से खड़ा कर रहा?
सूत्र ये भी बता रहे हैं कि आसाराम ने एक बार फिर से अपने साम्राज्य की बागडोर हाथों में ले ली है। वो देश भर में फैले आश्रमों की जानकारी ले रहा है। वो आगे की रणनीति बना रहा है। आसाराम की कुटिया के बाहर उसके निजी गार्ड (सेवादार) खड़े रहते हैं। वे उसकी सुरक्षा के साथ ही उसके खाने-पीने का इंतजाम भी करते हैं।
आश्रम में लगाया तुलसी का पौधा
आसाराम को 31 मार्च तक अंतरिम जमानत मिली है। जमानत मिलने के बाद आसाराम निजी अस्पताल गया। फिर अपने जोधपुर के पाल स्थित आश्रम गया। आश्रम पहुंचते ही आसाराम को सबसे पहले सारी सुविधाएं मुहैया कराई गई, जिसमें पलंग से लेकर तुलसी का पौधा और टेबल कुर्सी शामिल हैं।
आसाराम की दिनचर्या कुछ इस तरह
आसाराम ने भक्ति में लीन होने के लिए दिनचर्या को बदला है। आसाराम सुबह चार बजे उठता है। फिर सबसे पहले वह स्नान करता है। उसके बाद पूजा अर्चना करता है, फिर वह अपनी भक्ति में लीन हो जाता है।
रविवार को जा सकता है अहमदाबाद
सूत्रों की माने तो आसाराम रविवार को जोधपुर से अहमदाबाद के लिए जा सकता है। वहीं, ये भी कहा जा रहा है कि आसाराम ने अपने सेवादारों को एक सूची दी है, जिसमें आश्रम से संंबंधित कई सारा सामान लिखा हुआ है। इन सामानों को बाजार से मंगवाया गया है, जिसके बाद ये भी अनुमान लगाया जा रहा है कि वो कुछ और समय के लिए जोधपुर में ठहर सकता है।