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बाड़मेर: प्रेमिका से मिलने गया था 11वीं का छात्र, परिजनों ने देखा तो भागते-भागते पहुंच गया पाकिस्तान

Thu, 28 Jan 2021 01:39 PM IST
कुमार संभव न्यूज डेस्क, अमर उजाला, बाड़मेर
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सांकेतिक तस्वीर - फोटो : अमर उजाला
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राजस्थान के बाड़मेर जिले में एक ऐसा मामला सामने आया है, जिससे हर कोई हैरान है। दरअसल, यहां रहने वाला 11वीं का एक छात्र अपनी प्रेमिका से मिलने उसके घर गया था। लड़की के परिजनों ने उसे पकड़ने की कोशिश की तो छात्र भाग निकला, लेकिन हड़बड़ी में सीमा पार करके पाकिस्तान पहुंच गया। वहां पाकिस्तानी सेना ने उसे हिरासत में ले लिया। अब भारतीय अधिकारी पाकिस्तानी सेना के अफसरों से बातचीत करके छात्र को वापस लाने की कोशिश में लगे हैं। 

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यह है पूरा मामला

जानकारी के मुताबिक, यह पूरा मामला बाड़मेर जिले के कुम्हारों का टीबा गांव का है। यहां जमाराम मेघवाल अपनी पत्नी अमकू देवी और 18 वर्षीय बेटे गेमराराम के साथ रहते हैं। जमाराम ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नाम एक चिट्ठी लिखी है, जिसमें उन्होंने अपने बेटे को पाकिस्तान से छुड़ाने की अपील की है। दरअसल, करीब ढाई महीने पहले गेमराराम ने गलती से भारत-पाकिस्तान की सीमा पार कर ली और पाकिस्तानी सेना ने उसे पकड़ लिया था।

ऐसे हुई थी गड़बड़ी

बताया जा रहा है कि 4-5 नवंबर 2020 की रात करीब डेढ़ बजे गेमराराम अपनी प्रेमिका से मिलने उसके घर गया था। उस दौरान लड़की के परिजन जाग गए औेर उन्होंने छात्र को पकड़ने की कोशिश की। ऐसे में वह भाग निकला और रात के अंधेरे मेंगलती से सीमा पार कर गया। दरअसल, लड़की का घर भारत-पाकिस्तान सीमा के काफी करीब है। पुलिस को मामले की जानकारी उस वक्त हुई, जब 16 नवंबर को परिजनों ने उसके लापता होने की शिकायत दर्ज कराई। इसके बाद पुलिस ने बीएसएफ से संपर्क किया। सेना के जवानों ने 5 जनवरी को पाकिस्तानी रेंजर्स के साथ फ्लैग मीटिंग की, जिसमें उन्होंने छात्र के अपनी हिरासत में होने की जानकारी दी। 

छात्र के भाई ने दी यह जानकारी

छात्र घेमराराम के बड़े भाई जुगतराम ने बताया कि उसका भाई एक नाबालिग लड़की से मुहब्बत करता है। कोविड लॉकडाउन की वजह से स्कूल बंद हुए तो वह जोधपुर में एक फर्नीचर की दुकान में काम करने लगा और 4 नवंबर को घर लौटा था। उसी रात वह अपनी प्रेमिका से मिलने गया और 5 नवंबर को उसका फोन बंद मिला। 

लड़की के परिजनों ने अफेयर से किया इनकार

बता दें कि इस मामले में लड़की के परिजनों ने उनकी बेटी और घेमराराम के बीच अफेयर होने से साफ इनकार कर दिया। जुगतराम ने बताया कि उस रात लड़की के परिजनों ने हमें बुलाकर मामले की जानकारी दी थी, लेकिन अब वे हमें परेशान कर रहे हैं। साथ ही, दबाव बना रहे हैं कि मैं अपने भाई को न ढूंढूं। जुगतराम का दावा है कि लड़की के परिजनों को उसी रात अंदाजा हो गया था कि उसका भाई सीमा पार कर गया है, जबकि बीएसएफ के अधिकारियों ने यह जानकारी करीब 10 दिन बाद दी थी। 
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1971 में पाकिस्तान से आया था पीड़ित परिवार

गौरतलब है कि जमाराम के कुल 12 बच्चे हैं, जिनमें घेमराराम आठवें नंबर का बेटा है। उनका परिवार 1971 के दौरान पाकिस्तान से भारत आया था। वहीं, लड़की के पिता का कहना है कि घेमराराम उनके घर में गलत इरादे से घुसा था। वह और मेरी बेटी एक स्कूल में जरूर पढ़ते हैं, लेकिन वे दोस्त नहीं हैं। मेरी बेटी उसके भाइयों से कई बार घेमराराम द्वारा छेड़छाड़ किए जाने की शिकायत कर चुकी है। उधर, बीएसएफ के अधिकारियों का कहना है कि छात्र को जल्द से जल्द वापस लाने की कोशिश की जा रही है।
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