मांगों को लेकर धरने पर बैठे समाज के लोग।
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राजस्थान के जोधपुर गैस सिलेंडर ब्लास्ट कांड दो और लोगों की मौत हो गई। इनमें एक महिला और एक व्यक्ति शामिल है। हादसे में अब तक 28 लोगों की मौत हो गई है। कुल मरने वाले लोगों में 11 मासूम बच्चे भी हैं। यह हादसा कई परिवारों को कभी ना भरने वाले गम दे गया। करीब 24 लोगों का जोधपुर के महात्मा गांधी अस्पताल में इलाज चल रहा है। जिसमें से कई की हालत गंभीर बनी हुई है, उन्हें आईसीयू में रखा गया है।
इधर, लगातार बढ़ रही मौतों की संख्या ने परिजनों के सब्र को तोड़ दिया है। हादसे में घायल, मृतकों के परिजन और समाज के लोग गुरुवार से अस्पताल के बाहर धरने पर बैठ गए हैं। उनकी मांग है कि सरकार घायलों को 25 लाख और मृतकों के परिजनों को 50 लाख रुपये के मुआवजे के साथ परिवार के एक सदस्य को सरकारी नौकरी दे।
आठ दिसंबर को क्या हुआ था?
जोधपुर जिले के शेरगढ़ के भूंगरा गांव में गुरुवार को शक्ति सिंह के बेटे सुरेंद्र सिंह की बारात खोखसर जानी थी। शादी समारोह में शामिल होने के लिए 300 लोगों की भीड़ जुटी हुई थी। बारात निकलने की तैयारी थी, बारात में जाने के लोग तैयार हो रहे थे। घर में महिलाओं और बच्चों सहित लोगों की भीड़ थी। चार बजे बारात निकलने का समय तय किया गया था। इससे पहले बारातियों के लिए चाय बनाई जा रही थी। इस दौरान अचानक सिलेंडर में ब्लास्ट हो गया, धमाके के साथ गैस और आग पूरे घर में फैल गई।
महिलाएं और बच्चों सहित कुछ लोग आग से घिर गए। महिलाओं और बच्चों को बचाने कुछ लोग जलती आग के बीच से अंदर गए, इस दौरान वह भी झुलस गए। कुछ लोग जलते हुए घर के अंदर से बाहर निकले, यह देखकर हर कोई दंग रह गया। आग की लपटें इतनी तेज थीं कि हर कोई अंदर जाने की हिम्मत नहीं दिखा पा रहा था। हादसे में पांच लोगों की मौत उसी दिन हो गई, जबकि दूल्हे और उसके माता-पिता सहित 60 लोग झुलस गए। जिन्हें इलाज के लिए महात्मा गांधी अस्पताल में भर्ती कराया गया था। अब तक 28 लोगों की मौत हो चुकी है।