कल कलेक्टर सभागार में हुई राजस्व अधिकारियों की बैठक में चारागाह भूमि पर अतिक्रमण के विरुद्ध धारा 91 में दर्ज कार्रवाई के बिंदु पर कलेक्टर चिन्मयी गोपाल व तहसीलदार सुरेंद्र चौधरी के बीच बात विवाद हो गया। इसके बाद कलेक्टर बैठक छोड़कर चली गईं। तहसीलदार द्वारा कलेक्टर के साथ अभद्रता किए जाने की बात सामने आ रही है। बैठक में मौजूद राजस्व अधिकारियों ने एक हस्ताक्षरयुक्त पत्र कलेक्टर को देकर तहसीलदार पर कार्रवाई की मांग की है।
जानकारी के अनुसार राजस्व अधिकारियों की बैठक में कलेक्टर चिन्मयी गोपाल द्वारा विभिन्न मुद्दों पर चर्चा की जा रही थी। इसी दौरान चारागाह भूमि पर हो रहे अतिक्रमण के विरुद्ध धारा 91 के बिंदु पर तहसीलदार द्वारा कार्रवाई कम करने की बात सामने आई। कलेक्टर के सवाल पर तहसीलदार सुरेंद्र चौधरी ने कहा कि चारागाह भूमि पर अतिक्रमण के खिलाफ कार्रवाई पंचायतें करती हैं, यह तहसीलदार का काम नहीं है। इस बात को लेकर कलेक्टर और तहसीलदार के बीच बात विवाद हो गया और अभद्रता के चलते कलेक्टर बैठक छोड़कर चली गईं।
इसके बाद राजस्व अधिकारियों ने एक पत्र लिखकर कलेक्टर को सौंपा है कि बैठक में झुंझुनू तहसीलदार द्वारा कलेक्टर के सवाल पर जो अशोभनीय व्यवहार किया गया, वह पद की गरिमा के विरुद्ध है, इसलिए तहसीलदार के खिलाफ अनुशासनात्मक कार्रवाई की जानी चाहिए।