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Rajasthan: RPSC फर्जी डिग्री मामले में SOG की बड़ी कार्रवाई, पूर्व उप परीक्षा नियंत्रक समेत दो और हिरासत में

Fri, 24 Jul 2026 02:21 PM IST
जयपुर ब्यूरो न्यूज डेस्क, अमर उजाला, जयपुर

सार

फर्जी डिग्री के जरिए आरपीएससी की प्राध्यापक भर्ती में चयन करवाने के मामले में एसओजी की कार्रवाई लगातार जारी है। इस मामले में जोधपुर के एक बिचौलिए और मेवाड़ यूनिवर्सिटी के पूर्व उप परीक्षा नियंत्रक को गिरफ्तार किया गया है।
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गिरफ्तार आरोपी
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विस्तार
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राजस्थान लोक सेवा आयोग (आरपीएससी) की प्राध्यापक (हिन्दी) स्कूल शिक्षा प्रतियोगी परीक्षा-2022 में कथित फर्जी डिग्री के जरिए नियुक्ति हासिल करने के मामले में स्पेशल ऑपरेशन ग्रुप (एसओजी) ने बड़ी कार्रवाई करते हुए दो और आरोपियों को गिरफ्तार किया है। गिरफ्तार आरोपियों में जोधपुर निवासी अशोक विश्नोई उर्फ अशोक चोटिया और मेवाड़ यूनिवर्सिटी, गंगरार (चित्तौड़गढ़) के पूर्व उप परीक्षा नियंत्रक सुशील शर्मा शामिल हैं।

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एसओजी के अतिरिक्त महानिदेशक पुलिस विशाल बंसल ने बताया कि अभ्यर्थी कमला कुमारी ने आरपीएससी में मेवाड़ यूनिवर्सिटी से जारी एमए (हिन्दी) की डिग्री प्रस्तुत की थी। आयोग की ओर से कराए गए सत्यापन में यह डिग्री विश्वविद्यालय द्वारा जारी नहीं पाई गई। इसके बाद वर्ष 2024 में अजमेर के सिविल लाइंस थाने में मामला दर्ज कर जांच शुरू की गई।

जांच में सामने आया कि अशोक विश्नोई उर्फ अशोक चोटिया ने बिचौलियों के माध्यम से अभ्यर्थी के परिजनों से संपर्क कर मेवाड़ यूनिवर्सिटी के नाम पर कथित फर्जी एमए (हिन्दी) की मार्कशीट और डिग्री उपलब्ध कराई। जांच एजेंसी के अनुसार उसने विश्वविद्यालय के तत्कालीन अधिकारियों से संपर्क कर फर्जी दस्तावेज तैयार करवाने में भी भूमिका निभाई। एसओजी ने उसे 21 जुलाई को गिरफ्तार कर 25 जुलाई तक पुलिस रिमांड पर लिया है।
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मामले में एसओजी ने मेवाड़ यूनिवर्सिटी के तत्कालीन उप परीक्षा नियंत्रक सुशील शर्मा को भी गिरफ्तार किया है। जांच एजेंसी का आरोप है कि उसने फर्जी डिग्री तैयार कराने और जारी कराने में सहयोग किया। उसे 20 जुलाई को गिरफ्तार कर अदालत के आदेश पर 25 जुलाई तक पुलिस रिमांड पर भेजा गया है। एसओजी के अनुसार अशोक विश्नोई पहले भी फर्जी डिग्री और भर्ती परीक्षा से जुड़े अन्य मामलों में गिरफ्तार हो चुका है। उसके खिलाफ सिविल लाइंस थाना, एसओजी और जोधपुर के विभिन्न थानों में कई मामले दर्ज हैं। वहीं सुशील शर्मा भी इसी तरह के एक अन्य मामले में पहले गिरफ्तार किया जा चुका है।
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महानिरीक्षक पुलिस अजयपाल लाम्बा के निर्देशन, उप महानिरीक्षक भुवन भूषण यादव के सुपरवीजन तथा पुलिस अधीक्षक कुंदन कंवरिया के नेतृत्व में अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक श्याम सुंदर विश्नोई की टीम मामले की जांच कर रही है।  एसओजी का कहना है कि फर्जी डिग्री नेटवर्क से जुड़े अन्य आरोपियों की तलाश जारी है और पूरे गिरोह की भूमिका की गहन जांच की जा रही है।

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