बजट में अन्य राज्यों की पुरानी कारों के ट्रांसफर एवं पुन: रजिस्ट्रेशन शुल्क में की गई अप्रत्याशित टैक्स बढ़ोतरी में संशोधन की मांग को लेकर प्रदेशभर के कार डीलर्स ने मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा के नाम का ज्ञापन देकर टैक्स में राहत की मांग की है।
संगठन की ओर से जयपुर में आयोजित प्रदेश स्तरीय बैठक में जुटे सैकड़ों डीलर्स ने एक स्वर में कहा कि पुराने टैक्स को यथावत रखा जाए। साथ ही चेतावनी भी दी है कि अगले 15 दिन में राज्य सरकार ने सकारात्मक निर्णय नहीं लिया तो आंदोलन को तेज किया जाएगा।
संगठन के संयोजक रजत छाबड़ा ने बताया कि अन्य राज्यों से खरीदी गई गाड़ियों का राजस्थान में रजिस्ट्रेशन करवाने पर वन टाइम टैक्स, ग्रीन टैक्स के रूप में देश के अन्य राज्यों की तुलना में पहले ही सर्वाधिक था, अब बजट में इसे तीन गुना कर दिया गया है। ऐसा होने से औसतन एक पुरानी गाड़ी के रजिस्ट्रेशन शुल्क में बेहताशा बढ़ोतरी कर दी गई है। उन्होंने बताया कि जब तक राज्य सरकार टैक्स बढ़ोतरी के निर्णय को वापस नहीं लेगी, तब तक प्रदेश के किसी भी जिला व क्षेत्रीय परिवहन कार्यालय में पुरानी कार का रजिस्ट्रेशन नहीं करवाया जाएगा। आंदोलन की शुरुआत 17 जुलाई को सीकर में आरटीओ का घेराव करने के साथ की जाएगी। प्रेस वार्ता के बाद एक प्रतिनिधिमंडल ने जयपुर जिला कलेक्टर को ज्ञापन सौंपा।
संगठन के प्रदेश प्रवक्ता महेश पारीक ने बताया कि प्रदेश में अन्य राज्यों से खरीदी गई लगभग 300 कारों का प्रतिदिन रजिस्ट्रेशन होता है, जिससे राज्य सरकार को करीब ढाई करोड़ टैक्स के रूप में राजस्व की प्राप्ति होती है, यानी महीने में करीब 50 करोड़ रुपए टैक्स प्राप्त होता है। अब नए बजट में टैक्स में बढ़ोतरी करने के निर्णय से प्रदेश के 30 हजार कार डीलर्स प्रभावित होंगे।
श्रीगंगानगर कार एसोसिएशन के अध्यक्ष पवन कुटवाणी ने बताया कि इस टैक्स बढ़ोतरी से अन्य राज्यों के वाहनों का रजिस्ट्रेशन बंद होने के कारण राज्य सरकार को सालाना 600 करोड़ रुपये का नुकसान होगा। श्रीगंगानगर, जोधपुर, कोटा, चितौड़गढ, अजमेर, भीलवाड़ा में डीलर्स एसोसिएशन ने प्रदर्शन कर प्रभारी मंत्रियों व जिला कलेक्टर्स को ज्ञापन दिए हैं। इस संबंध में प्रदेशभर के डीलर्स ने बैठक कर नेता प्रतिपक्ष टीकाराम जूली, विधायक रविंद्र सिंह भाटी सहित करीब 15 विधायकों को ज्ञापन देकर टैक्स बढ़ोतरी पर रोक लगाने की मांग की है। बैठक के बाद सर्वसम्मति से रजत छाबड़ा को कार्यवाहक अध्यक्ष घोषित किया गया। इससे पहले प्रतिनिधिमंडल ने परिवहन मंत्री डॉ. प्रेमचंद बैरवा को ज्ञापन सौंपा।