Rajasthan: राजस्थान में बीते चार दिनों से बारिश का दौर थम गया है। प्रदेश में अधिकांश स्थानों पर मौसम साफ रहा। प्रदेश के 75 बड़े व 108 छोटे बांध पूरी तरह लबालब हो चुके हैं। मौसम विभाग का कहना है कि 22 अगस्त से मानसून राजस्थान में एक बार फिर से एक्टिव होगा।
प्रदेश में 22 अगस्त से मानसून फिर से रफ्तार पकड़ेगा। राजस्थान में 25 जून को मॉनसून ने प्रवेश किया था। इसके बाद से अब तक प्रदेश के 19 जिलों में अत्यधिक बारिश, 14 जिलों में सामान्य से अधिक, 8 जिलों में सामान्य तथा 6 जिलों में सामान्य से कम वर्षा हुई है। पिछले 24 घंटे की स्थिति देखे तो अलवर, कोटा, सवाई माधोपुर, टोंक, दौसा, जयपुर ग्रामीण और भीलवाड़ा, राजसमंद के आसपास हल्की बारिश हुई। सबसे ज्यादा बरसात कोटा के खातौली में 58 एमएम दर्ज हुई। दौसा के बेजुपाड़ा में 34, बूंदी के नैंनवा में 29, जयपुर के फागी में 21, ब्यावर के पास रायपुर में 16, टोंक के पीपलु में 5 एमएम बरसात हुई।
भरतपुर संभाग
भरतपुर संभाग में सामान्य से 81.7 % अधिक वर्षा रिकॉर्ड की गई है- इनमें भरतपुर, डीग, धौलपुर, करौली, गंगापुर, सवाई माधोपुर में अत्यधिक वर्षा दर्ज की गई है।
भरतपुर
बीकानेर संभाग
बीकानेर संभाग में समान्य से 70.2% अधिक वर्षा रिकॉर्ड की गई है। यहां अनूपगढ़ और बीकानेर में सर्वाधिक वर्षा हुई है।
जयपुर संभाग: जयपुर संभाग में आने वाले 7 जिलों में औसत से 71.4% अधिक वर्षा हुई। इनमें से अलवर, दौसा, दूदू, जयपुर और जयपुर ग्रामीण में समान्य से अत्यधिक वर्षा दर्ज की गई।
जोधपुर संभाग- जोधपुर संभाग में सामान्य से 86.2 प्रतिशत वर्षा इस बार अधिक हुई है। इसमें सबसे जयादा वर्षा राजस्थान के रेगिस्तार जैसलमेर और फलौदी में हुई है।
राजस्थान में जहां कमी रही-वहां अब होगी झमाझम
मॉनसून के इस सीजन में अब तक दक्षिण-पश्चिमी राजस्थान में कम वर्षा हुई है। लेकिन अब भद्रा में मॉनसून उन जगहों पर भरपाई करके जाएगा। प्रदेश में 24, 25 और 26 अगस्त को कोटा और उदयपुर संभाग में भारी बारिश होने की संभावना है। शेष इलाकों में अब सामान्य वर्षा ही रहेगी।