दो हजार टैक्स मित्र होंगे नियुक्त
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माल और सेवा कर (GST) और वैल्यू एडेड टैक्स (VAT) जमा कराना प्रदेश में आने वाले दिनों में आसान हो जाएगा। आवेदन प्रक्रियाओं में आवेदकों को सहूलियत देने के लिए राज्य सरकार प्रदेश में दो हजार टैक्स मित्र नियुक्त करेगी।
मुख्यमंत्री अशोक गहलोत ने टैक्स मित्रों के नियोजन की योग्यताओं और फीस तय करने संबंधित प्रस्ताव को मंजूरी दे दी है। गहलोत ने व्यवहारियों को सेल्फ टैक्स स्क्रूटनी की फर्स्ट स्टेज फैसिलिटी उपलब्ध कराने के लिए आर्टिफिशियल इंटेलीजेंस आधारित ई-टैक्स ऑफिसर सॉफ्टवेयर प्लेटफॉर्म विकसित करने की स्वीकृति भी दी है।
टैक्स मित्र के लिए न्यूनतम शैक्षणिक योग्यता वाणिज्य में स्नातक रखी है। सीए, सीएस, आईसीडब्ल्यूए सहित अनुभवी आवेदकों को प्राथमिकता मिलेगी। आयु 21 से 40 साल निर्धारित की गई है। टैक्स मित्रों की ओर से विभिन्न टैक्स संबंधी आवेदन प्रक्रियाओं के लिए फीस चार्ज की जाएगी। इस शुल्क का भी निर्धारण किया गया है।
इसमें जीएसटी, वैट आवेदन, संशोधन, आईटीसी, ई-वे बिल, सब्सिडी आवेदन, एमएसएमई आवेदन सहित अन्य कार्यों के लिए 50 रुपए से 400 रुपये तक का शुल्क रखा गया है। मुख्यमंत्री ने साल 2023-24 के बजट में जीएसटी और वैट आवेदन प्रक्रियाओं को आसान बनाने के लिए इस संबंध में घोषणा की थी।