मुख्यमंत्री अशोक गहलोत के निर्देश पर प्रदेश में हार्डकोर अपराधियों, माफियाओं और अपराधिक गैंग्स के खिलाफ नियोजित तरीके से चलाए जा रहे व्यापक अभियान में पुलिस की 5,137 टीमों ने अपराधियों के लगभग 13,600 ठिकानों पर दबिश देकर 20,542 बदमाशों को गिरफ्तार किया है।
राजस्थान पुलिस की अपराधियों के खिलाफ कार्रवाई से गत वर्ष की अपेक्षा मार्च महीने तक आपराधिक मामलों में नौ फीसदी की कमी आई है। पुलिस मुख्यालय में सोमवार को डीजीपी उमेश मिश्रा ने प्रेस कॉफ्रेंस में बताया कि प्रदेश में एरिया डोमिनेशन और रेड एंड सर्च अभियान शुरू करने से पहले आला अधिकारियों ने गहराई से होमवर्क किया। रेंज महानिरीक्षक स्वयं कन्ट्रोल रूम में और पुलिस अधीक्षकों द्वारा फील्ड में रहकर अभियान को सफल बनाने के लिए काम किया गया।
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उन्होंने बताया कि अपराधियों का गुणगान करने वालों, फॉलों करने वालों और प्रश्रय देने वालों के खिलाफ भी सख्त कार्रवाई की गई। इस अभियान में विशेष रूप से आग्नेयास्त्रों का प्रदर्शन करने वालों और फायरिंग की घटनाओं में भी शामिल गैंग को टारगेट किया गया। साथ ही कारोबारियों और संभ्रांत नागरिकों को अवैध वसूली के लिए कॉल कर धमकी देने के अपराध में लिप्त गैंग्स भी पुलिस के निशाने पर रहे। कुछ अपराधी देश से बाहर बैठकर भी इस अपराध को अंजाम दे रहे थे। उनके खिलाफ भी इन्टरपोल के माध्यम से शिंकजा कसा जा रहा है। रोहित गोदारा का रेड कॉर्नर नोटिस जारी किया जा चुका है और अनमोल विश्नोई व गोल्डी बरार के खिलाफ रेड कॉर्नर नोटिस जारी कराने के लिए कार्रवाई प्रक्रियाधीन है।
हिरासत से भागने का प्रयास करने वालों पर सख्त कार्रवाई...
डीजीपी मिश्रा ने बताया, पुलिस पर हमला करने वालों और पुलिस हिरासत से भागने का प्रयास करने वालों पर पुलिस द्वारा सख्त कार्रवाई की जा रही है। साल 2023 में 21 अपराधियों को पुलिस मुठभेड़ में गोली लगी और 25 अपराधी फरारी के प्रयास में घायल हुए। पुलिस द्वारा अपराधियों को जड़ से समूल नष्ट करने के लिए ऑपरेशन वज्रप्रहार शुरू किया गया, जिसके अन्तर्गत न सिर्फ अपराधियों की गिरफ्तारी की गई। बल्कि सर्च के दौरान अवैध कृत्यों से अर्जित की गई उनकी सम्पत्ति एवं वाहन इत्यादि पर भी कार्रवाई की। अब तक कुल 11,512 हिस्ट्रीशीटर में से 2,471 की सम्पत्ति का रिकॉर्ड संधारण किया गया। 35 अपराधियों की सम्पत्ति पर कार्रवाई के लिए आईटी विभाग व स्थानीय निकायों को कहा गया है।
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सोशल मीडिया पर अपराधियों के फॉलोअर्स घटे...
उन्होंने बताया कि सोशल मीडिया पर अपराधियों को फॉलो करने वालों के खिलाफ 36 मामले दर्ज कर 56 लोगों को गिरफ्तार किया। वहीं, प्रिवेन्टिव सेक्शनों में 1027 लोगों को दबोचा गया। सोशल मीडिया के फॉलोवर्स और गैंगस्टर के ऊपर प्रभावी कार्रवाई के परिणाम स्वरूप इन अपराधियों से युवाओं का मोहभंग हुआ है। अभियान से पूर्व बीकानेर में मोनू ग्रुप के सोशल मीडिया पर कुल 36,537 फॉलोवर्स थे, जो अब घटकर 9189 रह गए हैं। इसी प्रकार रोहित गोदारा के फॉलोवर्स 38,862 से घटकर अब 6558 रह गए हैं और नए फॉलोवर्स बनने बंद हो गए हैं।