राजस्थान में मानव अंगों को खरीदने वाली कंपनी का नाम उजागर हो गया है। कंपनी ने कर्मचारियों की बजाय दलालों की भर्ती की थी। पुलिस ने मैड सफर प्राइवेट लिमिटेड कंपनी के निदेशक सुमन जाना और दलाल सुखमय नंदी उर्फ गोपाल को पश्चिम बंगाल के दो ठिकानों से गिरफ्तार किया है। बता दें कि मैड सफर प्राइवेट लिमिटेड कंपनी मानव अंगों की खरीदारी करती थी। मामले में पूर्व से गिरफ्तार गौरव सिंह, दोनों अस्पताल के ट्रांसप्लांट को-ऑर्डिनेटर और बांग्लादेशी नागरिकों से पूछताछ के बाद पुलिस ऐसे कुछ दलालों को पकड़ने की कोशिश कर रही थी।
कंपनी के डायरेक्टर सुमन जाना और दलाल सुख में नदी उर्फ़ गोपाल बांग्लादेश से किडनी के दाता व रिसीवर ढूंढते थे। दोनों मिलने के बाद वे सौदा तय करते थे। उनके फर्जी दस्तावेज तैयार करने का काम अस्पताल के ट्रांसप्लांट को-ऑर्डिनेटर और गौरव सिंह के जिम्मे था। ये लोग बांग्लादेश के रिसीवर से 25 लाख टका यानी करीब 19-20 लाख रुपये लेते थे। डोनर को चार लाख रुपये तक देते थे।
इस कंपनी का नेटवर्क बहुत बड़ा था। फरार मुर्तजा अंसारी और राजकमल नायक भी इसी कंपनी के लिए काम करता था। सुखमय नदी उर्फ गोपाल फॉर्टिस हॉस्पिटल के लिए मरीज और दाता लेकर आता था। अब जयपुर पुलिस इन दोनों आरोपियों से पूछताछ करेगी। साथ ही अन्य दलालों के ठिकानों के बारे में पता करने की कोशिश करेगी। जयपुर कमिश्नरेट की टीम पश्चिम बंगाल में लगातार आरोपियों की तलाश में दबिश दे रही थी। पुलिस ने दोनों आरोपियों को गुरुवार देर रात को जयपुर ले आए। यहां पर उनसे विस्तृत पूछताछ होगी। फोर्टिस हॉस्पिटल ने मैड सफर प्राइवेट लिमिटेड कंपनी के निदेशक सुमन जाना के साथ अंग प्रत्यारोपण के लिए डोनर व रिसिपिएंट लाने का एमओयू कर रखा है। कंपनी मानव तस्करी व मानव अंगों की खरीद-फरोख्त करने का काम करती है।
गिरफ्तार एसएमएस अस्पताल के गौरव सिंह, फोर्टिस हॉस्पिटल के विनोद सिंह, गिरिराज शर्मा, बांग्लादेश नागरिक नूरूल इस्लाम, मेहंदी हसन शमीम, मोहम्मद अहशानुल कोबीर व मोहम्मद आजाद हुसैन से पूछताछ के बाद कंपनी और दलाल गोपाल को चिह्नित किया गया था। मामले में दलाल मोहम्मद मुर्तजा अंसारी की तलाश में पुलिस टीम कई जगह दबिश दे रही है। कंपनी निदेशक सुमन जाना की गिरफ्तारी के बाद अब पुलिस फोर्टिस हॉस्पिटल के प्रबंधन और चिकित्सकों के खिलाफ जल्द कार्रवाई कर सकती है। पुलिस हॉस्पिटल से जब्त रिकॉर्ड को खंगालने में लगी है।