किसान आंदोलन के चलते एनडीए से छिटकर अलग हुए हनुमान बेनीवाल को भाजपा अब फिर से साधने की कोशिशों में जुटी है। सूत्रों के अनुसार राजेंद्र राठौड़ को इसकी जिम्मेदारी सौंपी गई है। राठौड़ और हनुमान भले ही एक दूसरे के विरोधी दलों में हैं, लेकिन व्यक्तिगत रूप से इन दोनों नेताओं के रिश्ते काफी अच्छे बताए जाते हैं।
हालांकि हनुमान खुद के एनडीए में जाने और उनसे संपर्क की चर्चाओं को खारिज कर रहे हैं। शुक्रवार को उन्होंने सोशल मीडिया पर फिर से बयान दिया कि उनकी लड़ाई एनडीए से थी और वह जारी रहेगी। उन्होंने कहा कि जनता ने मुझे जो जनादेश दिया है, वो एनडीए के खिलाफ हैं। मुझे ये शिकायत है कि कांग्रेस पार्टी के नेताओं के कहने पर जानबूझकर मुझे अपमानित किया गया।
हनुमान ने कहा कि मैं इंडिया अलायंस के साथ हूं और आज-कल में दिल्ली जाऊंगा और जब भी जरूरत पड़ेगी मुलाकात करूंगा। उन्होंने कहा कि इंडि अलायंस के नेताओं ने मुझसे क्षमा मांगी की उनसे गलती हो गई।
भाजपा नेताओं से संपर्क को लेकर पूछे गए सवाल पर उन्होंने कहा कि अब मैं भाजपा नेताओं के संपर्क में नहीं हूं। उन्होंने कहा मुझे सत्ता में रहने का शौक होता तो मैं किसान आंदोलन के लिए सत्ता को क्यों ठोकर मारता।