केंद्रीय मंत्री रामदास अठावले ने राहुल गांधी और खरगे को लेकर महाकुंभ से जुड़ी टिप्पणी की। उन्होंने कहा कि राहुल गांधी को कुंभ में डुबकी लगानी चाहिए, क्योंकि वहां उन्हें कोई डुबाने वाला नहीं है। हालांकि, चुनाव के समय विपक्षी उन्हें जरूर डुबाने की कोशिश करेंगे। खरगे पर निशाना साधते हुए उन्होंने कहा कि खरगे कितनी भी डुबकी लगा लें, उनके पाप नहीं धुल सकते। दलित समुदाय से होते हुए भी खरगे ने सीएम बनाने का मौका गंवाया, जबकि कांग्रेस को गड्ढे में पहुंचाने के बाद उन्हें अध्यक्ष बनाया गया।
ममता कुलकर्णी और महामंडलेश्वर बनने का फैसला
उन्होंने कहा कि ममता कुलकर्णी यदि महामंडलेश्वर बनना चाहती हैं, तो यह उनका निजी निर्णय है। महाराष्ट्र की इस कलाकार पर किसी प्रकार की पाबंदी नहीं है।
धर्मांतरण और संविधान पर टिप्पणी
नेता ने कहा कि भारत का संविधान हर व्यक्ति को धर्म चुनने का अधिकार देता है, लेकिन लालच देकर धर्म परिवर्तन करवाना अवैध है। यदि कोई अपनी मर्जी से धर्म बदलता है, तो इसमें कोई पाबंदी नहीं है। उन्होंने स्पष्ट किया कि देश में सभी धर्मों के लोगों को बराबरी का अधिकार हैं।
मुसलमानों को भारत में रहने का अधिकार और कश्मीर पर बयान
उन्होंने कहा कि देश के मुसलमानों को डरने की जरूरत नहीं है। बंटवारे के समय भी कई मुसलमान यहीं रहने का निर्णय लेकर भारत में ही रह गए। उन्होंने कश्मीर में धारा 370 हटने के बाद सुरक्षा व्यवस्था का जिक्र किया और बताया कि आज वहां तिरंगा लहरा रहा है।
पाकिस्तान को सलाह और आतंकवाद पर सख्त रुख
नेता ने कहा कि पाकिस्तान को भारत के साथ दोस्ती बनाए रखनी चाहिए। पीओके भारत को सौंपना चाहिए, जिससे दोनों देशों के बीच संबंध बेहतर हो सकें। उन्होंने आतंकवाद को खत्म करने की बात कही और पाकिस्तान को आतंकी गतिविधियों पर रोक लगाने की सलाह दी।
यूसीसी और जनसंख्या नियंत्रण की वकालत
नेता ने यूनिफॉर्म सिविल कोड (यूसीसी) को जरूरी बताते हुए कहा कि यह किसी धर्म के खिलाफ नहीं है। उन्होंने कहा कि भारत में जनसंख्या नियंत्रण भी आवश्यक है, क्योंकि भारत अब जनसंख्या में चीन को पीछे छोड़ चुका है।
कांग्रेस और विपक्षी गठबंधन पर तंज
नेता ने कहा कि संविधान खतरे में नहीं है, बल्कि कांग्रेस पार्टी खतरे में है। उन्होंने विपक्षी गठबंधन ‘इंडिया’ पर भी निशाना साधते हुए कहा कि उसमें कोई दम नहीं है। ममता बनर्जी और लालू यादव की पार्टियों में भी आपसी समन्वय की कमी है।
ट्रम्प के आने से भारत के रिश्तों में सुधार की उम्मीद
उन्होंने कहा कि डोनाल्ड ट्रंप अमेरिका में राष्ट्रपति बनते हैं, तो भारत-अमेरिका संबंध और मजबूत होंगे। उन्होंने विश्व शांति को प्राथमिकता देने की बात कही।