बाड़मेर में चौहटन विधानसभा क्षेत्र के दुधवा खुर्द बूथ पर बुधवार को 46 डिग्री अधिकतम तापमान की प्रचंड गर्मी के बीच कुल 85.70 प्रतिशत मतदान कर ग्रामीणों ने जागरुक मतदाता का परिचय दिया। सरहदी और सुदूरवर्ती इलाके में बसे गांव के इस बूथ में पुनर्मतदान में इतने जबरदस्त उत्साह ने सभी को अचरज में डाल दिया।
बता दें कि सुबह सात बजे मतदान शुरू होने के साथ ही बूथ पर ग्रामीणों की लंबी-लंबी कतारें लगनी शुरू हो गई। इसके बाद दुधवा खुर्द बूथ पर दोपहर एक बजे तक 39.02 प्रतिशत मतदान हुआ। वहीं दोपहर तीन बजे तक 53 प्रतिशत मतदान हुआ। तीन बजे बाद मतदान ने एकाएक जोर पकड़ लिया। पुरुषों के साथ ही महिलाओं में भी मताधिकार के प्रयोग को लेकर खासा उत्साह देखा गया।
शाम तक मतदान का समय समाप्त होने पर दुधवा खुर्द बूथ पर कुल 85.70 प्रतिशत मतदान हुआ। दोपहर को कुछ देर के लिए एकबारगी वोटरों के आने का सिलसिला अपेक्षाकृत धीमा हो गया। लेकिन बाद में फिर वोटरों की टोलियां मतदान केंद्र की तरफ आनी शुरू हो गई। गर्मी का असर तेज होने से बूथ पर छाया-पानी के समुचित इंतजाम किए गए और ओआरएस घोल और दवाओं का स्टॉक भी रखा गया।
वहीं, बुजुर्ग एवं दिव्यांग मतदाताओं के लिए व्हील चेयर की भी व्यवस्था की गई। राजकीय उच्च माध्यमिक स्कूल, दुधवा खुर्द के बूथ संख्या-50 पर सुबह निर्धारित समय सात बजे मतदान शुरू हुआ। इस दौरान सुरक्षा के कड़े इंतजाम रहे। प्रशासनिक अधिकारी लगातार मतदान प्रक्रिया का जायजा लेने में व्यस्त रहे। वहीं, पुलिस अधिकारी कानून-व्यवस्था की जानकारी लेने में जुटे रहे। पुनर्मतदान वाले इस बूथ पर निर्वाचन आयोग की ओर से नियुक्त पर्यवेक्षक ने निरीक्षण किया। वहीं, सामान्य चुनाव पर्यवेक्षक दीपा रंजन ने भी मतदान प्रक्रिया का अवलोकन किया।
दरअसल, बीते लोकसभा चुनाव के दूसरे चरण में 26 अप्रैल को बाड़मेर-जैसलमेर समेत 13 सीटों पर वोटिंग हुई थी। लेकिन इसी दौरान दुधवा खुर्द के बूथ 50 पर 86.55% वोटिंग हुई थी। बाद में इस बूथ पर फर्जी मतदान के आरोप लगने लगे। इस संबंध में कुछ वीडियो भी सामने आए और कुछ सोशल मीडिया पर वायरल हुए। बताया गया कि मतदाताओं को मताधिकार से वंचित कर दिया गया और उनके वोट वहां मौजूद 2-3 लोगों ने जबरदस्ती डाल दिए।