एससी-एसटी आरक्षण में क्रीमीलेयर लागू करने के सुप्रीम कोर्ट के फैसले के विरोध में बुधवार को प्रदेश में बंद के आह्वान के चलते 7 जिलों के स्कूलों-कॉलेजों सहित समस्त शैक्षणिक संस्थानों में छुट्टी कर दी गई है। बंद के कारण कोटा यूनिवर्सिटी की परीक्षाएं भी स्थगित कर दी गई हैं।
इधर कांग्रेस के कई नेताओं ने बंद को अपना समर्थन दिया है लेकिन पार्टी के स्तर पर कांग्रेस ने खुद को इस आंदोलन से अलग रखा है। राजस्थान में बंद को कांग्रेस और आरएलपी ने अपना समर्थन दिया है। नेता प्रतिपक्ष टीकाराम जूली ने कहा है कि कांग्रेस कार्यकर्ता इस लड़ाई में साथ हैं। बीजेपी आरक्षण के खिलाफ है। उन्होंने कहा कि भाजपा की मानसिकता संविधान को कमजोर करने की और आरक्षण को कमजोर करने की है।
बंद का समर्थन करने के सवाल पर जूली ने कहा कि अंतिम निर्णय अध्यक्ष करेंगे लेकिन जहां भी मांग संविधान की है तो पीछे हटने वाले नहीं हैं, कांग्रेस के कार्यकर्ता इस लड़ाई में साथ रहेंगे।
पार्टी स्तर पर समर्थन नहीं
इधर प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष गोविंदसिंह डोटासरा ने आंदोलन पर पार्टी के स्टेंड को लेकर कहा कि यह आंदोलन गैर राजनीतिक है इसलिए पार्टी स्तर पर इसका समर्थन या विरोध जैसी कोई बात नहीं है। उन्होंने कहा कि राजस्थान कांग्रेस इस मामले में एआईसीसी की गाइड लाइन के अनुसार ही चलेगी।
आरएलपी ने दिया समर्थन
नागौर राष्ट्रीय लोकतांत्रिक पार्टी के अध्यक्ष व नागौर सांसद हनुमान बेनीवाल ने अनुसूचित जाति व अनुसूचित जनजाति द्वारा बुधवार को किए गए भारत बंद के आह्वान का समर्थन किया है। बेनीवाल ने अपने सोशल मीडिया हैंडल पर इस बात का ऐलान किया।
जयपुर बंद के लिए 25 टीमें बनाईं
अनुसूचित जाति-जनजाति संयुक्त संघर्ष समिति ने भी राजस्थान में बंद को समर्थन दिया है। जयपुर बंद के लिए समिति ने 25 टीमें बनाई हैं, जो बाजार बंद कराएंगी। बंद समर्थकों की ओर से रैली भी निकाली जाएगी। हालांकि अभी तक बंद को लेकर व्यापारियों में असमंजस की स्थिति है लेकिन जयपुर के कई व्यापारिक संगठनों ने बंद का बहिष्कार किया है।
जयपुर में बंद को लेकर 25 टीमें बनाई गई हैं। ये टीमें अपने-अपने इलाके में टोलियों में रैली निकालेंगी और बाजारों को बंद करवाएंगी। बंद के समर्थन में बड़ी रैली रामनिवास बाग से शुरू होगी, जो चौड़ा रास्ता, त्रिपोलिया बाजार, बड़ी चौपड़, जौहरी बाजार, सांगानेरी गेट, एमआई रोड होते हुए रामनिवास बाग में आकर खत्म होगी। इसके बाद कलेक्टर को ज्ञापन सौंपा जाएगा।