आगामी विधानसभा चुनाव में बीजेपी और कांग्रेस दोनों एक बार फिर जीत के सपने देख रही हैं, जिसको लेकर आम आदमी पार्टी ने दोनों पार्टियों पर निशाना साधा है। आम आदमी पार्टी के प्रदेश अध्यक्ष नवीन पालीवाल ने कहा, यूथ कांग्रेस की कार्यकारिणी के कार्यक्रम में सीएम गहलोत ने सार्वजनिक रूप से मान लिया है कि उनके कई विधायक बुरी तरह से हार रहे हैं। पालीवाल ने तंज कसते हुए कहा, बीजेपी हो या कांग्रेस जब विधायकों ने जनता के लिए पांच साल काम ही नहीं किया, तो हार का डर सताना लाजिमी है। क्योंकि जीतने के बाद विधायक जनता को भूल गए और अब चुनाव नजदीक आ गए तो हार का डर सताने लगा।
नवीन पालीवाल ने कहा, सीएम गहलोत को भी ये एहसास हो गया है कि अब उनकी सरकार नहीं बनने वाली। क्योंकि पांच साल कांग्रेस के विधायकों ने सिर्फ अपनी जेब भरने में ध्यान लगाया है, इतना ही नहीं गहलोत और पायलट विवाद में भी विधायकों को लेकर चली खींचतान में भी विधायकों के पैसा लेने की बात सामने आई थी। सीएम गहलोत अक्सर खुले मंच से कहते हैं कि उनके जिन विधायकों ने बीजेपी से पैसे लिए हैं वो लौटा दें, जिससे साफ जाहिर होता है कि पूरे कार्यकाल के दौरान कांग्रेस में सिर्फ सत्ता की लड़ाई को लेकर घमासान मचा रहा। इससे सरकार से जनता दूर होती चली गई। इसलिए अब तमाम घोषणाओं के बावजूद भी कांग्रेस और सरकार में मायूसी साफ देखी जा सकती है।
18 जून को राजस्थान आएंगे केजरीवाल...
आम आदमी पार्टी के प्रदेश अध्यक्ष ने कहा, 18 जून को श्रीगंगानगर में आप संयोजक अरविंद केजरीवाल की रैली के बाद से प्रदेश में बीजेपी और कांग्रेस के सभी सियासी समीकरण बिगड़ जाएंगे। साथ ही जनता को आम आदमी पार्टी के रूप में एक सशक्त विकल्प मिलेगा। केजरीवाल की रैली से बीजेपी-कांग्रेस की सियासी जड़ें हिलने वाली हैं।
नवीन पालीवाल ने कहा, ये बात बीजेपी और कांग्रेस भी भली-भांति जानती है कि अब उनका सियासी खेल ज्यादा दिन नहीं चलने वाला। इसलिए जनता ने बीजेपी को तो पूरी तरह से नकार दिया है, जिसका प्रमाण तो सचिवालय घेराव के दिन ही जनता ने दे दिया। जबकि कांग्रेस नेताओं और सीएम गहलोत की हताशा उनकी होने वाली हार का प्रतीक है।
हार के डर से सीएम गहलोत अब आम आदमी पार्टी की नकल करते हुए जनता को फ्री बिजली और मेडिकल सर्विस देने की घोषणा कर रहे हैं। इतना ही नहीं प्रदेश में जब से आम आदमी पार्टी की एंट्री हुई, तब से जनता का आम आदमी पार्टी से जुड़ाव बढ़ता जा रहा है और केजरीवाल की 18 जून की रैली से राजस्थान की राजनीति को एक नई दिशा मिलेगी। आगामी चुनाव में जनता आम आदमी पार्टी को जिताकर राजस्थान में एक नया सियासी आगाज करेगी।