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Jaipur: सड़कों पर उतरे अभिभावक, बोले- कानून बनाकर भूली सरकार, शिक्षामंत्री मिल नहीं रहे... जानिए क्या है मामला

Sat, 08 Apr 2023 02:19 PM IST
अर्पित याज्ञनिक न्यूज डेस्क, अमर उजाला, जयपुर

सार

आरटीई कानून की निजी स्कूलों में पालना नहीं होने, स्कूलों में फीस वृद्धि, किताबें और ड्रेस की कीमतों में हुई वृद्धि के खिलाफ शनिवार को राजधानी जयपुर में अभिभावक शिक्षा मंत्री और शिक्षा राज्य मंत्री के सरकारी बंगले पर पहुंच गए।
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मंत्री आवास पर ज्ञापन देने पहुंचे अभिभावक संघ के सदस्य। - फोटो : Amar Ujala Digital
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विस्तार
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बच्चों के पैरेंट्स जयपुर में शिक्षा मंत्री डॉ. बीडी कल्ला को ज्ञापन देने उनके सरकारी निवास पर पहुंचे। संयुक्त अभिभावक संघ ने शुक्रवार को ही मंत्री बीडी कल्ला से अभिभावकों का पक्ष रखने के लिए समय मांगा था, जिस पर शिक्षा मंत्री ने शनिवार सुबह 9 बजे का समय दिया था। आरोप है कि अभिभावकों के पहुंचने से पहले ही शिक्षा मंत्री जयपुर से बीकानेर के लिए रवाना हो गए, जिससे अभिभावक गुस्सा हो गए। समझाइश के बाद संयम बरतते हुए अभिभावकों ने मंत्री आवास पर तैनात पुलिसकर्मी दीनदयाल से बातचीत की और ज्ञापन की कॉपी उन्हें मंत्री तक पहुंचाने के लिए सौंप दी।

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राज्यमंत्री जाहिदा भी नहीं मिलीं तो कल्ला को बीकानेर भिजवाया ज्ञापन
जब शिक्षा मंत्री कल्ला से मुलाकात नहीं हुई तो सभी अभिभावक शिक्षा राज्यमंत्री जाहिदा खान के गांधी नगर आवास पर पहुंच गए। वहां पर भी मंत्री से मुलाकात नहीं हुई, तो संयुक्त अभिभावक संघ ने ज्ञापन की कॉपी बीकानेर ही पहुंचा दी। संघ की बीकानेर टीम ने शिक्षा मंत्री से मुलाकात कर प्रदेशभर के अभिभावकों की मांगों को लेकर तैयार ज्ञापन मंत्री के हाथों में सौंपा और जल्द कार्रवाई की मांग की।

अभिभावक और छात्र मानसिक प्रताड़ना झेलने पर मजबूर-अरविंद अग्रवाल
संयुक्त अभिभावक संघ के प्रदेश अध्यक्ष अरविंद अग्रवाल ने बताया कि शिक्षा को लेकर प्रदेश का अभिभावक पीड़ित और प्रताड़ित हो रहा है। भले ही वह सरकारी स्कूल का मामला हो या निजी स्कूल का हो। अभिभावक और छात्र मानसिक प्रताड़ना झेलने पर मजबूर हो रहे हैं। सरकार कानून बनाकर भूल चुकी है, प्रशासन कानूनों की पालना नहीं करवा रहा है, स्कूल लगातार अपनी मनमानी कर रहे हैं। निजी स्कूल आरटीई में छात्रों के एडमिशन देने से मना कर रहे हैं। दूसरी तरफ़ यही निजी स्कूल फीस वृद्धि में भी मनमानी कर रहे हैं। इसके अलावा इन दिनों फीस के साथ-साथ स्कूलों ने किताबों, ड्रेस को लेकर भी दामों में भारी वृद्धि कर दी है, जिसके चलते अभिभावक ठोकरें खाने और आर्थिक भार उठाने पर मजबूर हो रहे हैं।
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संयुक्त अभिभावक संघ के
प्रदेश प्रवक्ता अभिषेक जैन बिट्टू ने कहा कि अभिभावकों ने सबसे पहले अपनी बात स्कूलों के सामने रखनी चाही, तो स्कूलों ने नही सुनी, उसके बाद विभाग में अपनी बात रखने पहुंचने तो वहां अभिभावकों की पीड़ाओं को नहीं सुना गया, उसके अधिकारियों से मुलाकात की उन्हे भी बात नहीं सुनी, अब मंत्री से समय लेकर आए तो शिक्षा मंत्री भी बात सुनने से पहले जयपुर छोड़कर भाग खड़े हुए। यह केवल शिक्षा का ही अपमान नही बल्कि प्रदेश के दो करोड़ से अधिक अभिभावकों का अपमान है। संयुक्त अभिभावक संघ को जब जानकारी मिली की शिक्षा मंत्री बीकानेर के लिए रवाना हो गए है तो संघ ने बीकानेर टीम को ज्ञापन की कॉपी वहां भेजकर बीडी कल्ला को ज्ञापन सौंपा। सोमवार को मुख्य शिक्षा सचिव को ज्ञापन दिया जाएगा। इन सबके के बावजूद अगर सुनवाई नहीं हुई तो संयुक्त अभिभावक संघ इस मसले को लेकर कोर्ट में जायेगा। जब तब प्रदेश के अभिभावकों को न्याय नहीं मिलेगा अभिभावक चुप नहीं बैठेगा, पूरे प्रदेश का अभिभावक बच्चों के भविष्य को लेकर चिंतित है। 

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