करौली के हिंडौन के सूरौठ का 16 साल का नाबालिग मजदूर गौरव महावर मौत के बाद दो लोगों को अपनी किडनियों से जीवनदान दे गया। सूरौठ में शिव कॉलोनी निवासी गौरव चार सितंबर को बाइक से मजदूरी के लिए जा रहा रहा था, जहां सामने आ रही बाइक से भिड़ंत होने पर गौरव के सिर पर घातक चोट आ गई और वह ब्रेन डेड हो गया था।
गौरव माहवार को चार सितंबर को ही गंभीर हालत में जयपुर रेफर कर सवाई मान सिंह अस्पताल में भर्ती किया गया था। जहां उसका उपचार जारी था, लेकिन ब्रेन डेड घोषित होने के बाद सोटो राजस्थान ने गौरव के परिजनों की समझाइश कर ऑर्गन डोनेशन के लिए राजी किया और कंसेंट लेकर फार्म भरवाया। इसके बाद आज गौरव की दोनों किडनी महात्मा गाँधी अस्पताल जयपुर में ग्रीन कॉरिडोर बनाकर ले जाई गईं और वहां मरीजों को लगाई गईं।
पेशे से मजदूर गौरव चार सितंबर 2023 को हिंडौन में बाइक मजदूरी के लिए जा रहा था। सामने से दूसरी बाइक से उसका एक्सीडेंट हो गया था। उसके सिर में गंभीर चोटें आई थीं। बिगड़ी हालात देखते हुए उसे प्राथमिक उपचार के बाद जयपुर के एसएमएस अस्पताल में चार सितंबर को दोपहर 3.43 पर भर्ती कर लिया गया। एसएमएस हॉस्पिटल में हेड इंजरी, ब्रेन हेमरेज, मल्टीपल फ्रैक्चर के ट्रीटमेंट के लिए गौरव भर्ती हुआ था, लेकिन ब्रेन हेमरेज के बाद क्लॉटिंग के कारण वह ब्रेन डेड हो गया। ब्रेन डेड घोषित करने से पहले उसकी दो अलग-अलग एपनिया जांचें हुईं।
पहला एपनिया 12 सितंबर को सुबह 10.31 बजे हुआ। फिर दूसरा 15 सितंबर को शाम 7.12 बजे किया गया। ब्रेन डेड घोषित होने के बाद एमएमएस अस्पताल में सोटो टीम ने उसके परिजनों की ऑर्गन डोनेशन के लिए समझाइश की, तो फैमिली ने गौरव का हार्ट, लीवर और दोनों किडनियों के डोनेशन की परमिशन दे दी। लीवर और हार्ट की स्थिति मेडिकली ठीक नहीं होने के कारण केवल दोनों किडनियां ही निकाली गईं। इसके लिए महात्मा गांधी अस्पताल के सर्जन डॉक्टर्स की टीम एम्बुलेंस के साथ एमएसएस हॉस्पिटल पहुंची।
उसके बाद ग्रीन कॉरिडोर बनाकर दोपहर करीब 12.30 से एक बजे के बीच एसएमएस अस्पताल के धन्वंतरी से महात्मा गांधी अस्पताल की एम्बुलेंस ऑर्गन किडनी लेकर गई। इस दौरान पुलिस एसएचओ राकेश कुमार ने कोआर्डिनेट कर ग्रीन कॉरिडोर बनवाया। किडनी रिसिपिएंट की जानकारी और पहचान ट्रांसप्लांट ऑफ ह्यूमन ऑर्गन एक्ट 1994 (संशोधित 2014 ) के अनुसार उजागर नहीं की जानी चाहिए। इसलिए उनकी जानकारी सार्वजनिक नहीं की गई, लेकिन दोनों किडनी दो मरीजों को लगाई गई है।
राजस्थान का 53वां ऑर्गन डोनेशन
राजस्थान का यह 53वां ऑर्गन डोनेशन है। एसएमएस का 27वां ऑर्गन डोनेशन है। अब तक 99 किडनियां, 46 लीवर, 28 हार्ट, 4 लंग्स, 1 पैंक्रियाज, 12 कॉर्निया, हार्ट वॉल्वस के दो डोनेशन हो चुके हैं।
एसएमएस अस्पताल में ये रहे टीम के सदस्य
एसएमएस मेडिकल कॉलेज के प्रिंसिपल डॉ. राजीव बगरहट्टा, आरयूएचएस वीसी डॉ. सुधीर भंडारी, स्टेट ऑर्गन एंड टिश्यू ट्रांसप्लांट ऑर्गेनाइजेशन (सोटो) के संयुक्त निदेशक डॉ. अमरजीत मेहता, कंसल्टेंट डॉ. मनीष शर्मा और डॉ. अजीत सिंह शक्तावत, न्यूरो सर्जन डॉ. देवेंद्र पुरोहित, एनेस्थेटिस्ट डॉ. चित्रा सिंह, प्रोग्राम असिस्टेंट रोशन बहादुर की इसमें विशेष भूमिका रही। नर्सिंग स्टाफ में ताराचंद सैनी, रामप्रसाद मीना, अबरार अहमद, लीलम सिंह मीणा, रामरतन खनगवाल मौजूद रहे।