जयपुर में एसीबी ने सार्वजनिक निर्माण विभाग (PWD) के मुख्य अभियंता, अधिशासी अभियंता और सहायक अभियंता को 10 लाख रुपये की रिश्वत लेते-देते ट्रैप कर गिरफ्तार किया है। विभागीय नोटिस पर कार्रवाई नहीं करने और नोटिस को फाइल करने की एवज में घूस की राशि का लेन-देन हो रहा था। तीनों आरोपियों के घर और अन्य ठिकानों पर तलाशी जारी है।
एसीबी हेडक्वार्टर के निर्देश पर एसीबी जयपुर नगर यूनिट-1 ने बुधवार को मुख्यालय के डेवलप किए गए सोर्स की सूचना पर जयपुर में कार्रवाई करते हुए जयपुर में सार्वजनिक निर्माण विभाग के मुख्य अभियंता (भवन) सुबोध कुमार मलिक को निर्माण नगर स्थित उसके आवास पर जितेन्द्र कुमार जैन अधिशासी अभियंता, PWD डूंगरपुर से अनंत कुमार गुप्ता सहायक अभियंता एनएच PWD, बांसवाड़ा के माध्यम से 10 लाख रुपये की रिश्वत राशि लेते-देते पकड़ा है।
भ्रष्टाचार निरोधक ब्यूरो के अतिरिक्त महानिदेशक हेमन्त प्रियदर्शी (अतिरिक्त चार्ज महानिदेशक) ने बताया कि एसीबी मुख्यालय को एक सूत्र से सूचना मिली कि जितेन्द्र कुमार जैन अधिशासी अभियंता, सार्वजनिक निर्माण विभाग, डूंगरपुर को दिए गए विभागीय स्पष्टीकरण नोटिस पर कोई कार्रवाई नहीं कर नोटिस को फाइल करने की एवज में सुबोध कुमार मलिक मुख्य अभियंता (भवन) सार्वजनिक निर्माण विभाग, जयपुर की ओर से अनंत कुमार गुप्ता के माध्यम से 10 लाख रुपये की रिश्वत राशि मांग रहा है। इनके बीच रिश्वत राशि का लेन-देन होने की पूर्ण संभावना है।
इस पर एसीबी जयपुर के उप महानिरीक्षक पुलिस रणधीर सिंह के सुपरविजन में एसीबी मुख्यालय द्वारा सूत्र सूचना को विकसित किया गया। सूत्र सूचना और निगरानी से मिली सूचनाओं पर एसीबी की जयपुर नगर यूनिट-1 के अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक आलोक शर्मा और एसआई डब्ल्यू यूनिट, जयपुर के अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक ललित किशोर शर्मा के निर्देशन में पुलिस निरीक्षक हेमन्त वर्मा ने टीम के साथ चीफ इंजीनियर सुबोध कुमार मलिक को उनके जयपुर स्थित आवास पर ट्रैप कार्रवाई करते हुए गिरफ्तार कर लिया।
इस दौरान जितेन्द्र कुमार जैन पुत्र छोटेलाल निवासी 187, गली नंबर नौ, आदर्शनगर, डूंगरपुर हाल अधिशासी अभियंता, PWD डूंगरपुर और अनंत कुमार गुप्ता पुत्र रमनलाल गुप्ता निवासी ए-40, माही सरोवर कॉलोनी, हेमू कालानी सर्किल के पास बांसवाड़ा हाल सहायक अभियंता एनएच PWD, बांसवाड़ा को 10 लाख रुपये रिश्वत राशि लेते-देते पकड़ा गया है। एसीबी के उप महानिरीक्षक पुलिस रणधीर सिंह के निर्देशन में आरोपियों से पूछताछ जारी है। एसीबी ने मामले में भ्रष्टाचार निवारण अधिनियम के अन्तर्गत प्रकरण दर्जकर आगे का इन्वेस्टिगेशन शुरू कर दिया है।