जयपुर में हुए हादसे में 15 लोग 50 फीसदी से अधिक गंभीर रूप से झुलसे हैं। हादसे के बाद 43 लोग एसएमएस अस्पताल पहुंचे, इनमें से 11 लोगों की अब तक मौत हो चुकी है। वहीं, 28 लोगों का इलाज जारी है।
आग से टैंकर में जोरदार धमाका हुआ और आसपास की गाड़ियों इसकी चपेट में आ गई। इसमें एक स्लीपर कोच बस, तीन कार, कई मोटर साइकिल और लगभग 29 ट्रक जलकर राख हो गए।
गेल इंडिया के DGM ने बताया कि हादसा स्थल से करीब 100 मीटर दूर कच्चे तेल की पाइप लाइन भी है, लेकिन वो सेफ है।
जो स्लीपर कोच बस जली, वह गुरुवार रात नौ बजे उदयपुर से निकली थी। उस दौरान बस में 35 यात्री थे। एक पैसेंजर अजमेर में उतर गया था।
बस को सुबह करीब 6.30 बजे जयपुर पहुंचना था, लेकिन 5.45 मिनट पर ही हादसे का शिकार हो गई। बस के पैसेंजर ने बताया कि अचानक ही बस में आग लग गई थी।
बस का मेन गेट भी लॉक हो गया था। इस कारण लोगों को बाहर निकलने में देर हुई और कई लोगों की मौत हो गई।
बस का ड्राइवर इस हादसे में सबसे पहले चपेट में आया। मौके पर 2 से 3 किलोमीटर के एरिया में सड़क पर जो भी वाहन थे, वे सभी इस आग की चपेट में आ गए। इसके बाद करीब एक घंटे तक धमाके सुनाई दिए।