राजस्थान की राजधानी जयपुर के शिवदासपुरा थाना पुलिस ने एक युवक की हत्या कर सबूत मिटाने की नीयत से लाश सूनसान जगह पर फेंके जाने के मामले में छह आरोपियों गिरफ्तार कर लिया है। फिलहाल पुलिस सभी आरोपियों से पूछताछ कर रही है। दरअसल, एक युवक द्वारा मजदूरी के पैसे मांगने पर पीट-पीट कर उसकी निर्मम हत्या कर दी गई थी।
पुलिस उपायुक्त जयपुर दक्षिण दिंगत आनंद ने बताया कि शिवदासपुरा थाना इलाके के प्रहलादपुरा में छह मार्च को एक युवक की कंबल में लिपटी हुई एक लाश मिली थी। उसके शरीर चोट के कई निशान थे और हत्या करने के बाद लाश को यहां फेंका गया था। इस स्थिति में पुलिस ने हत्या का मामला दर्ज किया था।
उन्होंने बताया कि मृतक युवक की पहचान कमल बैरवा निवासी नयापुरा जिला कोटा के रूप में हुई। वहीं, पुलिस को मृतक कमल के पास एक होटल का कार्ड मिला। उसके आधार पर पुलिस ने संदिग्ध लोगों को पूछताछ के लिए हिरासत में लिया। जहां पुलिस ने कार्रवाई करते हुए कुकमैन सीताराम नायक निवासी नागौर हाल, कुकमैन आनंद कुमार नायक निवासी बीकानेर हाल, सफाई कर्मी सागर वाल्मीकि निवासी दौसा हाल, कर्मी हरिदास स्वामी निवासी नागौर हाल, मैनेजर हनुमान मल टांक निवासी नागौर हाल और मैनेजर अर्जुन लाल जाट निवासी नागौर हाल को गिरफ्तार किया है। सभी आरोपी जयपुर के मानसरोवर स्थित होटल सनशाइन में काम करते हैं।
पुलिस के मुताबिक, मृतक कमल बैरवा पूर्व में होटल सनशाइन में काम करता था। होटल संचालक हनुमान सैनी और अर्जुन जाट कमल बैरवा के मजदूरी के रुपये न देकर हनुमान सैनी ही अपने पास रख लेता था। कमल बैरवा सनशाइन होटल को छोड़कर दूसरे होटल में काम करने चला गया। इसके बाद जब भी कमल सनशाइन होटल के संचालक हनुमान सैनी और अर्जुन जाट से अपनी मजदूरी के रुपये मांगता तो वे दोनों उसे मारपीट कर भगा देते थे।
जानकारी के अनुसार, चार मार्च की शाम को कमल बैरवा (मृतक) ने होटल सनशाइन में जाकर संचालकों से अपना बकाया (मजदूरी के पैसे) मांगा। इसपर होटल में काम करने वाले सीताराम ने अपने साथी सागर और आनंद के साथ मिलकर होटल के पास स्थित एक पुराने मकान में ले जाकर मारपीट की। ज्यादा मारपीट किए जाने से कमल बैरवा की मौत हो गई।
इसके बाद सीताराम ने होटल संचालक हनुमान और अर्जुन को पूरा घटनाक्रम बताया। इस पर उन दोनों ने मृतक की लाश को ठिकाने लगाने के लिए कहा। इसके बाद सीताराम और उसके साथियों ने होटल मैनेजर हरिदास की गाड़ी में डालकर लाश को प्रहलादपुरा गांव के पास नीलेश्वर महादेव मंदिर के पास सड़क के किनारे सबूत छिपाने की नीयत फेंक दिया था।