वाइस चांसलर डॉ. सुधीर भंडारी।
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राजस्थान यूनिवर्सिटी ऑफ हेल्थ साइंसेस (RUHS) के वाइस चांसलर डॉ. सुधीर भंडारी ने अपने पद से इस्तीफा दे दिया है। राज्यपाल ने इस्तीफा स्वीकार कर लिया है। फर्जी एनओसी के जरिए ट्रांसप्लांट के मामले में यह कार्रवाई की जा रही है। स्वास्थ्य मंत्री गजेंद्र सिंह खींवसर ने कहा कि जैसे पेपर लीक मामले में मुख्यमंत्री ने कार्रवाई की है, उसी तरह इस मामले में भी हम आरोपियों के जहां भी तार जुड़े हैं, उन तक पहुंचा जाएगा।
ऑर्गन ट्रांसप्लांट के लिए फर्जी एनओसी जारी करने के मामले में राज्य सरकार ने सवाई मानसिंह हॉस्पिटल के अधीक्षक डॉक्टर अचल शर्मा और सवाई मान सिंह मेडिकल कॉलेज के पूर्व प्रिंसिपल डॉ. राजीव बगरहट्टा को उनके पद से हटा दिया है।
इस मामले में अब स्वास्थ्य मंत्री गजेंद्र खींवसर ने प्रेसवार्ता में बताया कि फर्जी एनओसी के जरिए ऑर्गन ट्रांसप्लांट करने का मामला साल 2020 से चल रहा है। जो आरोपी पकड़े गए हैं, उनके तार कहां-कहां से जुड़े हैं, उन तक जांच एजेंसी पहुंचेगी। मुख्यमंत्री ने जिस प्रकार पेपरलीक मामले में आरोपियों के खिलाफ कार्रवाई की है, उसी तरह इस मामले में भी सख्त कार्रवाई की जाएगी और किसी को भी नहीं बख्शा जाएगा। उन्होंने कहा कि सिस्टम इसमें इन्वाल्व था और लोगों में इनका खौफ था। कई लोगों से तार जुड़ रहे हैं, हम वहां तक पहुंचेंगे और उन्हें बेनकाब कर सजा दिलवाएंगे।
फोर्टिस और ईएचसीसी, मणिपाल अस्पताल के लाइसेंस हो चुके हैं रद्द
एसीबी ने गत दिनों रिश्वत लेकर ऑर्गन ट्रांसप्लांट की एनओसी देने के मामले में एसएमएस हॉस्पिटल के सहायक प्रशासनिक अधिकारी के अलावा प्राइवेट हॉस्पिटल फोर्टिस और ईएचसीसी के एक-एक अधिकारी को पकड़ा था। इसके बाद एसएमएस अस्पताल प्रशासन ने सहायक प्रशासनिक अधिकारी गौरव सिंह को सस्पेंड कर दिया गया। वहीं मेडिकल हेल्थ डिपार्टमेंट ने इस मामले में ईएचसीसी, फोर्टिस एस्कोर्ट और मणिपाल हॉस्पिटल के ऑर्गन ट्रांसप्लांट करने के लाइसेंस को रद्द किया गया है।