राजस्थान में विधानसभा का बजट सत्र जल्द ही शुरू होने वाला है, लेकिन अब तक पांच हजार से ज्यादा सवालों के जवाब सरकार में लंबित चल रहे हैं। विपक्ष इसे मुद्दा बनाने की तैयारी में है।
वहीं, स्पीकर वासुदेव देवनानी ने भी इस मामले में ब्यूरोक्रेसी को लताड़ लगाई है। हाल ही में देवानी ने लंबित जवाबों को लेकर संबंधित विभागों के अफसरों को विधानसभा बुलाया था। इसमें उन्होंने कहा था कि पिछले कुछ वर्षों से कार्यपालिका विधायी कार्यों को गंभीरता से नहीं ले रही है। कार्यपालिका की विधायी कार्यों में कोताही बर्दाश्त नहीं की जाएगी।
चिकित्सा विभाग के 1056 के प्रश्नों के जवाब लंबित
स्पीकर देवनानी ने अधिक प्रश्नों के बकाया जवाबों वाले आठ विभागों चिकित्सा एवं स्वास्थ्य, खान, नगरीय विकास एवं आवासन, राजस्व, शिक्षा, स्वायत शासन, सार्वजनिक निर्माण विभाग और उच्च शिक्षा विभाग के अधिकारियों से रूबरू हुए और उनसे प्रश्नों के जवाब नहीं आने के कारणों की जानकारी ली। चिकित्सा विभाग में 1056 प्रश्नों के जवाब नहीं आने पर नाराजगी जाहिर की।
देवनानी ने कहा कि मुख्य सचिव के प्रयासों से गत चार माह में 1940 प्रश्नों, 274 ध्यानाकर्षण प्रस्तावों और 85 विशेष उल्लेख प्रस्तावों के जवाब आए हैं।
स्पीकर देवनानी ने दी अफसरों को नसीहत
देवनानी ने कहा कि प्रदेश के सभी वरिष्ठ प्रशासनिक अधिकारियों को विधानसभा कार्यों की गंभीरता को समझें। उन्होंने कहा कि विधायकगण जनता के प्रति जवाबदेही होते प्रश्नों के जवाब समय पर आए, इसके लिए अधिकारी जवाबदेही है। देवनानी ने कहा कि प्रत्येक विभाग में विधानसभा प्रकोष्ठ संचालित होने के बावजूद भी प्रश्नों के जवाब नहीं आना दुखद है।