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High Court: किस आधार पर दी गई शहर के बीचोंबीच रैली की परमिशन, 21 अगस्त तक जवाब दे सरकार

Thu, 03 Aug 2023 09:59 PM IST
अर्पित याज्ञनिक न्यूज डेस्क, अमर उजाला, जयपुर

सार

'नहीं सहेगा राजस्थान अभियान' के तहत के राजस्थान बीजेपी ने एक अगस्त को सचिवालय घेराव किया था। बीजेपी कार्यालय से रैली निकाली गई थी। इससे स्टेच्यू सर्किल के चारों तरफ के इलाके में ट्रैफिक जाम लग गया था।
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राजस्थान हाईकोर्ट - फोटो : अमर उजाला
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विस्तार
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राजस्थान हाईकोर्ट में आज लगातार दूसरे दिन बीजेपी की ओर से किए गए सचिवालय घेराव के दौरान यातायात बाधित होने के मामले को लेकर स्वप्रेरित प्रसंज्ञान पर सुनवाई हुई। आज ट्रैफिक जाम को लेकर खंडपीठ ने सुनवाई की।

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हाईकोर्ट जयपुर में जस्टिस एम.एम. श्रीवास्तव की डिविजन बेंच ने ट्रैफिक जाम होने और बीजेपी को सचिवालय घेराव की अनुमति देने के प्रकरण में फिर से कड़ी नाराज़गी जताते हुए कहा कि लगता है पुलिस को कोर्ट के आदेशों के बारे में ही पता नहीं है।

हाईकोर्ट ने कहा सिटी ट्रैफिक को रेग्युलेट करने का काम हमारा नहीं है, लेकिन अगर पब्लिक परेशान होगी तो कोर्ट को दखल देगा। कोर्ट ने सरकार को निर्देश दिए हैं कि राज्य सरकार किसी सीनियर पुलिस ऑफिसर को नोडल अधिकारी अपॉइंट करें, ताकि वो हाईकोर्ट के अब तक के आदेशों के अनुसार सर्कुलर जारी करें। कोर्ट ने कहा कि सर्कुलर सभी जिम्मेदार पुलिस ऑफिसर्स के पास होना चाहिए। उसी के आधार पर रैली और धरने की अनुमति दी जाएगी।
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कोर्ट ने राज्य सरकार को 21 अगस्त तक जवाब के लिए दिया समय 
हाईकोर्ट सिंगल बेंच से रेफर होकर आई इस अवमानना संबंधी कार्रवाई में डिविजनल बेंच ने सरकार को विस्तृत जवाब देने के लिए 21 अगस्त तक का समय दिया है। सरकार को बताना होगा कि पुलिस अधिकारियों ने किस आधार पर शहर के बीचों-बीच में रैली की परमिशन दे दी। जवाब के आधार पर ही कोर्ट निर्णय लेगा कि जिम्मेदार पुलिस अधिकारियों पर अवमानना संबंधी कार्रवाई की जाए या नहीं।

बीजेपी ने एक अगस्त को किया था सचिवालय घेराव
'नहीं सहेगा राजस्थान अभियान' के तहत के राजस्थान बीजेपी ने एक अगस्त को सचिवालय घेराव किया था। बीजेपी कार्यालय से चौमू हाउस सर्किल होकर स्टेच्यू सर्किल तक रैली निकाली गई थी। इससे स्टेच्यू सर्किल के चारों तरफ के इलाके में ट्रैफिक जाम लग गया था। इससे वाहन चालकों के साथ-साथ कई स्कूली बच्चे, वकील, सरकारी दफ्तरों के कर्मचारी और आम राहगीर फंस गए थे। जस्टिस समीर जैन की अदालत ने इस पर स्वप्रेरित प्रसंज्ञान लिया था। फिर जस्टिस समीर जैन की सिंगल बेंच कोर्ट ने प्रकरण को अवमानना संबंधी कार्रवाई के लिए डिवीज़न बेंच को रेफर कर दिया था।

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