प्रधानमंत्री मोदी के मुस्लिम बहनों से रखी बंधवाने के आह्वान करते ही राजस्थान की भाजपा इकाई पूरे जोश के साथ रक्षाबंधन को एक मिशन की तरह मनाने की तैयारी में जुट गई है। हालांकि अभी इसका कोई आधिकारिक कार्यक्रम घोषित नहीं किया गया है। जानकारी के अनुसार भाजपा राजस्थान इकाई रक्षाबंधन के पर्व को बूथ स्तर तक मनाने की तैयारी कर रही है।
50 हजार से ज्यादा बूथ
राजस्थान में भाजपा के पास 50 हजार से ज्यादा बूथ अध्यक्ष मौजूद हैं, जिनके ऊपर अपने बूथ की मुस्लिम बहनों से राखी बंधवाने की जिम्मेदारी दी जा सकती है। आमतौर पर एक बूथ में एक हज़ार के आसपास वोट होते हैं, जिसको भी भाजपा ने पन्ना प्रमुख बनाने और अधिक सरलीकरण कर दिया है। एक पन्ना प्रमुख के पास 50 से 100 वोटर की जिम्मेदारी है।
राजस्थान की आबादी में 9% मुस्लिम
राजस्थान की आबादी में 9% मुस्लिम हैं, जिसमें से अगर आधी भी महिला हैं तो यह आबादी 4% के आसपास रहती है। यूं तो जन गणना के नये आकड़े उपलब्ध नहीं हैं, इसलिए पुराने आकड़ों के अनुसार मुस्लिम आबादी प्रदेश की 8 से 9 सीटों को ही प्रभावित करती है, इस हिसाब से रक्षाबंधन अभियान में एक पन्ना प्रमुख के इलाके में 2 से 3 ही मुस्लिम बहन होंगी।
अनोखे प्रयास से नई शुरुआत
रक्षाबंधन के इस अनोखे प्रयास से दोनों समुदाय के बीच एक नई शुरुआत होने की उम्मीद है। प्रधानमंत्री की सोच के अनुसार एक सौहार्द का वातावरण बनने में मददगार साबित होगा, क्योंकि सनातन संस्कृति में दोस्त की बहन को भी अपनी बहन मानते हैं और दोस्त के जीजा को अपना जीजा मानते हैं, इस लिहाज से सभी मुस्लिम बहन के पति भाजपा कार्यकर्ताओं के जीजा हो जाएंगे और उनका भी मान सम्मान इनकी जिम्मेदारी होगी।
जानकारी के अनुसार हर बूथ से रक्षाबंधन की तस्वीर भी प्रदेश स्तर पर मंगाई जा सकती है, जिससे प्रत्येक बूथ और पन्ना प्रमुख स्तर पर एक डाटा भी तैयार होगा कि कितने लोग किस समुदाय के किस क्षेत्र मैं मौजूद हैं और उनकी भाजपा को लेकर क्या राय है।
महिलाएं राखी के दिन इंतजार करेंगी
बहरहाल प्रधानमंत्री के आह्वान से एक फर्क़ दिखाई देना शुरू हुआ है। भाजपा कार्यकर्ता अब हर मुस्लिम महिला को बहन के रूप में स्वीकार करने को तैयार है। भाजपा के अल्पसंख्यक मोर्चा के प्रदेश अध्यक्ष हामिद मेवाती ने इसको एक बेहतरीन पहल बताया है। अमर उजाला से बातचीत में हामिद ने कहा कि मुस्लिम महिला राखी के दिन इंतजार करेंगी कि उनके भाई उनके पास पहुंचे और मिलकर त्योहार मनाए। इतना ही नहीं हामिद ने कहा कि मुस्लिम आदमी भी अपनी हिन्दू बहनों के पास पहुंचकर रक्षाबंधन मनाएंगे और अपनी बहनों को रक्षासूत्र के बदले तोहफा भी देंगे।