कांग्रेस नेता सचिन पायलट को स्टेंट फोर्स बताने वाले भाजपा प्रभारी राधा मोहन दास को लेकर राजस्थान में उठे सियासी विरोध के बाद जयपुर के जमवारामगढ़ में पायलट ने इस बयान पर पलटवार किया। पायलट ने कहा, 'भविष्य में क्या होगा ये तो जनता तय करेगी। प्रदेश में उपचुनाव भी होंगे। जो लोग मुझे जानते हैं वो यही कहेंगे कि हमने मर्यादा और संयम की सीमाओं को कभी पार नहीं किया। हमारे बड़े से बड़े विरोधी भी इस बात को मानते हैं।"
सचिन पायलट ने कहा कि राजनीति मुद्दों और सिद्धातों की हो। राजस्थान की पुरानी पंरपरा 'अतिथि देवो भव:' को निभाना जरूरी है। यहां जो भी आए, उसका स्वागत है। उन्हें पूरा अधिकार है कि अपनी बात को रखें, लेकिन मर्यादापूर्ण और संयमित भाषा का इस्तेमाल करें।
पायलट ने कहा कि राजनीति में विरोध करने की एक मर्यादा होती है। विचारों का विरोध हो सकता है, लेकिन भाषा की गरिमा रखनी जरूरी है। हम उस कांग्रेस से हैं जिसका 130 साल पुराना इतिहास है। हम सत्ता में पक्ष और विपक्ष सबको साथ लेकर चलते हैं। हमने भी बड़े नेताओं का वैचारिक तौर पर विरोध किया, लेकिन भाषा का स्तर कभी गिरने नहीं दिया। सचिन पायलट ने आगे कहा कि जहां तक राजनीति की बात है, तो विधानसभा के उपचुनाव आने वाले हैं। दो-दो हाथ हो जाएंगे और सब पता लग जाएगा।
जानिए, भाजपा प्रभारी ने क्या कहा था?
राजस्थान भाजपा प्रभारी राधा मोहनदास अग्रवाल ने बीते दिन बुधवार को कहा था- विरोध करने का भी एक तरीका होता है। अगर, मेरी गाड़ी का कांच टूट जाता, मुझे लग जाता या युवा कांग्रेस के कार्यकर्ताओं के द्वारा कुछ ऐसा हो जाता, जिससे मुझे चोट लग जाती तो उसकी जिम्मेदारी कौन लेता? उन्होंने आगे कहा कि अगर, मुझे कुछ भी होता है राजस्थान में तो उसकी संपूर्ण जिम्मेदारी सचिन पायलट की होगी। हालांकि, मैं चाहता हूं कि सचिन पायलट पर अपना मुंह न खोलूं। क्योंकि मैंने मुंह खोला तो उनकी समस्याएं बढ़ जाएंगी। वह पहले से ही परेशान हैं और अपनी पार्टी में पीड़ित हैं। इसलिए, मैं उनसे यही कहूंगा कि वह पहले अपनी पार्टी में सब कुछ ठीक करें, फिर दूसरी पार्टियों से लड़ाई करें।
युवा कांग्रेस कर रही विरोध
दरअसल, पिछले तीन दिनों से राधा मोहनदास अग्रवाल कांग्रेस युवा मोर्चे के निशाने पर हैं। उन पर जवाहरलाल नेहरू, राजीव गांधी, राहुल गांधी और सचिन पायलट के ऊपर अमर्यादित टिप्पणी करने का आरोप है। इसे लेकर युवा कांग्रेस के नेता और कार्यकर्ता लगातार उनका विरोध कर रहे हैं।