सीएम अशोक गहलोत कल गुरुवार 30 जून को कैबिनेट और मंत्रिपरिषद की बैठक कर सकते हैं। आज गहलोत की तबीयत खराब होने के कारण कैबिनेट बैठक स्थगित कर दी गई। सीएमओ से 30 जून को सुबह 11 बजे से पहले सभी मंत्रियों को जयपुर पहुंच जाने के निर्देश दिए गए हैं।
सीएम अशोक गहलोत कल मंत्रिमंडल और मंत्रिपरिषद की बैठक कर सकते हैं। आज बैठक टालने का कारण सीएम की तबीयत खराब होना बताया गया है। 30 जून को सभी मंत्रियों को जयपुर में रहने के निर्देश दिए गए हैं। सीएमओ से सुबह 11 बजे से पहले मंत्रियों को जयपुर आने को कहा गया है। इस बैठक में विकास कार्यों और स्कीमों से जुड़ीं कई बड़ी घोषणाएं की जा सकती हैं।
एक और दो जुलाई को सालासर में सम्मेलन और चिंतन बैठक प्रस्तावित
एक और दो जुलाई को चूरू जिले के सालासर में कांग्रेस पार्टी की विधानसभा चुनाव को लेकर चिंतन बैठक और विधानसभा प्रत्याशियों का सम्मेलन प्रस्तावित है। कांग्रेस विधायकों और हारे हुए प्रत्याशियों से फीडबैक लिया जाएगा। अधिक उम्र वाले नेताओं से युवा प्रत्याशियों के नाम मांगे जाएंगे। चुनाव में टिकट के लिए खुद के अलावा कम से कम दो अन्य दमदार कैंडिडेट के नाम पूछे जाएंगे। चुनाव में जीत के लिए रणनीति पर भी मंथन किया जाएगा। माना जा रहा है 30 जून को सीएम गहलोत निवास पर मंत्रियों के साथ विधायक फीडबैक कार्यक्रम और चिंतन शिविर के कार्यक्रम को लेकर भी चर्चा करेंगे।
अमर उजाला को दो मंत्रियों ने बताया कि एक और दो जुलाई को चूरू के सालासर में प्रस्तावित बैठक अभी यथावत है। उस पर क्या निर्णय करना है जल्द ही उसका कार्यक्रम फाइनलाइज किया जाएगा। सूत्रों के मुताबिक संभवतः कैबिनेट बैठक के बाद उस पर भी चर्चा हो। चूंकि दिल्ली में भी राहुल गांधी के साथ सीएम गहलोत और संगठन के नेताओं की जल्द बैठक होनी है। उसकी तारीख पर सब निर्भर करेगा। माना जा रहा है वह बैठक तीन-चार जुलाई को दिल्ली में हो सकती है।
राजस्थान में मंत्रिमंडल और संगठन में बड़े फेरबदल की सुगबुगाहट शुरू
कांग्रेस के संगठन महासचिव केसी वेणुगोपाल, सीएम अशोक गहलोत, प्रभारी सुखजिंदर सिंह रंधावा, पीसीसी चीफ गोविंद सिंह डोटासरा की राहुल गांधी से मीटिंग होनी है, जिसमें सचिन पायलट भी शामिल हो सकते हैं। पायलट के इश्यूज़ पर चर्चा करने के साथ उन्हें जिम्मेदारी देने और उनके खेमे को संतुष्ट करने पर मंथन होना है। विधानसभा चुनाव की तैयारियों पर भी बैठक में चर्चा होगी। राजस्थान में संगठन में होने वाले व्यापक फेरबदल और गहलोत कैबिनेट में बदलाव की भी सुगबुगाहट तेज हो गई हैं। करीब 26 जिला अध्यक्ष भी प्रदेश में नियुक्त किए जाने हैं। जिलों के बाद बूथ और मंडल स्तर तक सम्मेलन होंगे।