ताजियों के जुलूस का दौर शाम से रात तक लैया, पुराना, शहर, पटपरा, बजरिया, बड़ेपीर, गडरपुरा, हाथीवान, कच्ची कुई, पुरानी सराय सहित अन्य जगहों से प्रारंभ हुआ।
पैगंबर हजरत मोहम्मद के नवासे हज़रत हुसैन और उनके योद्धाओं की शहादत की याद में मनाए जाने वाला मुहर्रम की दसवीं तारीख को आज धौलपुर जिलेभर में ताजियों का जुलूस निकालकर करबला में सुपुर्द-ए-खाक किया गया। इस दौरान पुलिस-प्रशासन की चाक-चौबंद व्यवस्था देखने को मिली।
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ताजियों के जुलूस का दौर शाम से रात तक लैया, पुराना, शहर, पटपरा, बजरिया, बड़ेपीर, गडरपुरा, हाथीवान, कच्ची कुई, पुरानी सराय सहित अन्य जगहों से प्रारंभ हुआ। बाद में सभी एक जगह जुलूस में शामिल हो गए। शहर के जुलूस में करीब पांच सौ ताजिये शामिल हुए। जिनके साथ दो दर्जन बैंड, एक दर्जन ढोल-ताशे और पांच अखाड़े साथ चल रहे थे और अखाड़ेबाज हैरतअंगेज करतब दिखा रहे थे।
सुरक्षा के दिखे कड़े इंतजाम
ताजियों का जुलूस शहर के मुख्य मार्गों से निकाल कर ढोल और ताशों की मातमी धुन के साथ करबला में सुपुर्द-ए-खाक किया गया। भीड़भाड़ वाले इलाकों में जिला पुलिस अधीक्षक ने किसी भी अप्रिय घटनाओं से निपटने के लिए सुरक्षा के कड़े इंतजाम किए। शहर में जगह-जगह रोशनी एवं लंगर की व्यवस्था भी की गई। ताजियों को देखने के लिए शहर भर से विभिन्न समुदाय के लोगों का हुजूम उमड़ पड़ा। वहीं बाड़ी, बसेडी, राजाखेड़ा, मनियां, सरमथुरा सैपऊ सहित सम्पूर्ण जिले में करीब दो हजार ताजियों को मातमी धुन के साथ करबला मे सुपुर्द-ए-खाक किया गया।