गृहमंत्री अमित शाह शनिवार को एक दिन दौरे पर जयपुर पहुंचे हैं। गृहमंत्री की अध्यक्षता में नॉर्थ जोनल काउंसिल की बैठक शुरू हो गई है। इसमें इंटरनल सिक्योरिटी को लेकर विशेष चर्चा हो रही है। बैठक में चार राज्यों के मुख्यमंत्रियों और तीन केंद्र शासित प्रदेशों के उपराज्यपाल भी शामिल हैं।
राजस्थान के मुख्यमंत्री अशोक गहलोत, हरियाणा के सीएम मनोहर लाल खट्टर, हिमाचल प्रदेश के सीएम जय राम ठाकुर, लद्दाख के उपराज्यपाल राधा कृष्ण माथुर, दिल्ली के उपराज्यपाल विनय कुमार सक्सेना, पंजाब के राज्यपाल और चंडीगढ़ के प्रशासक बनवारीलाल पुरोहित के साथ-साथ इन राज्यों के वरिष्ठ अधिकारी बैठक में मौजूद हैं। भाजपा के राष्ट्रीय महासचिव और पार्टी के प्रदेश प्रभारी अरुण सिंह, प्रदेश अध्यक्ष सतीश पूनिया, पूर्व मुख्यमंत्री वसुंधरा राजे, उप नेता प्रतिपक्ष राजेंद्र राठौड़, जयपुर के सांसद रामचरण बोहरा और पार्टी के अन्य नेताओं ने एयरपोर्ट पर उनका स्वागत किया।
इसके अलावा शाह राजस्थान भाजपा नेताओं के साथ आगामी विधानसभा चुनाव की तैयारियों, राष्ट्रपति चुनाव, आदिवासी क्षेत्र के हालात और पार्टी के मुद्दों पर भी चर्चा करेंगे। वे दोपहर तीन बजे से शाम पांच बजे तक भाजपा मुख्यालय में प्रदेश भाजपा नेताओं से मुलाकात करेंगे।
वीवीआईपी मूवमेंट के चलते हुए राज्य सरकार ने राजस्थान प्रशासनिक सेवा के 60 अधिकारियों को प्रोटोकॉल अधिकारी के तौर पर तैनात किया है। पांच आईपीएस, 2000 से ज्यादा पुलिस जवान सुरक्षा व्यवस्था संभाले हुए हैं।
इन मुद्दों पर चर्चा संभव
वहीं राजस्थान ईस्टर्न कैनाल परियोजना और दूसरा उदयपुर में हुआ कन्हैया लाल हत्याकांड को लेकर शाह न केवल सरकार बल्कि अपनी ही पार्टी का संगठन स्तर पर भी फीडबैक लेंगे। हालांकि, ईआरसीपी मामले में भाजपा लगातार बैकफुट पर है और कांग्रेस हमलावर हो रही है। ऐसे में पार्टी की लाइन इस मुद्दे पर क्या रहने वाली है उसको लेकर भी संगठनात्मक चर्चा हो सकती है।