विराेध करती मुस्लिम समाज की महिलाएं।
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जयपुर के चाकसु स्थित निजी कॉलेज में हिजाब को लेकर हुए हंगामे का असर दिखने लगा है। जिले में शनिवार को मुस्लिम समाज की सैकड़ों महिलाओं ने हिजाब पहनकर विरोध किया। महिलाएं राम निवास बाग स्थित अल्बर्ट हॉल पर एकत्रित हुईं और प्रदर्शन कर नारेबाजी की। इस विरोध को कस्तूरी देवी कॉलेज में हुए विवाद से जोड़कर देखा जा रहा है।
प्रदर्शनकारी महिलाओं ने कहा कि हम क्या पहनेंगे ये हम तय करेंगे, किसी और को यह तय करने की जरूरत नहीं है। उन्होंने कहा कि हिजाब हमारे धर्म, अस्था और अल्लाह के प्रति विश्वास का प्रतीक है। अमेरिका और इंग्लैंड जैसे अन्य देशों में इसे लेकर कोई रोक-टोक नहीं है तो यहां क्यों रोका जा रहा है। उन्होंने कहा कि अभी हम हिजाब का महत्व समझाने आए हैं, जरूरत पड़ी तो इसके लिए लड़ाई भी लड़ेंगे।
रीट मामले को दबाने का प्रयास: भाजपा विधायक
जयपुर में शुरू हुए हिजाब विवाद को लेकर भाजपा विधायक रामलाल शर्मा ने कहा कि हमें किसी के लिबास से समस्या नहीं है। हमारा मानना है कि शिक्षण संस्थानों को धर्म से बाहर रखना चाहिए। यह बात सभी धर्मों के लोगों पर लागू होनी चाहिए। सरकार रीट पेपर लीक मामले को दबाने के लिए प्रदेश में यह सब करा रही है।
कांग्रेस का कोई लेना देना नहीं: प्रवक्ता
कांग्रेस प्रवक्ता स्वर्णिम चतुर्वेदी ने कहा कि कर्नाटक में भाजपा कार्यकर्ताओं को ये अधिकार किसने दिया कि वो तय करें कि कोई लड़की क्या पहनेंगी या क्या नहीं। उन्होंने कहा कि महिलाएं जयपुर में सड़क पर उतरीं तो भाजपा कांग्रेस पर आरोप लगा रही है। कांग्रेस का इस से कोई लेना देना नहीं है, हम सभी की भावनाओं का सम्मान करते हैं।
एक दिन पहने कॉलेज में क्या हुआ था?
जयपुर के कस्तूरी देवी कॉलेज में पढ़ने वाली मुस्लिम समाज की कुछ छात्राएं शुक्रवार को हिजाब पहनकर आईं थीं। छात्राओं को हिजाब में देख कॉलेज प्रबंधन ने यूनीफॉर्म में आने की बात कही। इससे नाराज छात्राओं ने अपने परिजनों को कॉलेज बुला लिया था। बुर्का पहनने से रोकने की बात पर परिजनों ने कॉलेज में हंगामा किया था। प्रबंधन की सूचना पर पहुंची पुलिस ने समझाइश देकर मामला शांत कराया था।