कांग्रेस विधायक गिर्राज सिंह मलिंगा की मुश्किलें एक बार फिर बढ़ सकती हैं। धौलपुर के बाड़ी में जेईएन और एईएन से मारपीट के मामले में राजस्थान हाईकोर्ट ने मलिंगा को नोटिस जारी किया है। हाईकोर्ट ने पूछा कि क्यों न जमानत रद्द कर दी जाए। बता दें कि 17 मई को ही मलिंगा की जमानत के आदेश जारी किए गए थे।
दरअसल, हाईकोर्ट में एईएन हर्षदापति की ओर से एक याचिका दायर की गई है। इसमें कहा गया कि हाइकोर्ट ने बीती 17 मई को विधायक गिर्राज मलिंगा को जमानत पर रिहा करने के आदेश जारी किए थे। इसके अगले ही दिन वह कोरोना मुक्त हो गया। 19 मई को विधायक ने शक्ति प्रदर्शन भी किया। इस दौरान उन्होंने अपने भाषण में कहा, जनता की तरफ आंख उठाई तो आंख निकाल लेंगे। आरोपी विधायक ऐसे भाषण देकर पीड़ित को डराना चाहते हैं। इस याचिका पर सुनवाई करते हुए होईकोर्ट ने मलिंगा को नोटिस जारी कर जवाब मांगा है।
क्या है मामला
बाड़ी बिजली कार्यालय में घुसकर लोगों ने एईएन और जेईएन से मारपीट की थी। इस हमले में एईएन गंभीर रूप से घायल हो गए थे। पीड़ित एईएन ने पुलिस में रिपोर्ट दर्ज करवाई थी। जिसमें उसने बताया कि कार्यालय में मीटिंग के दौरान कांग्रेस विधायक गिर्राज मलिंगा और करीब आधा दर्जन लोग आए और उसके साथ मारपीट की।