आज से पंद्रह साल पहले हर्षा सोनी और उसके परिवार को उसके दादाजी ने इसलिए निकाल दिया था क्योंकि वह पैदा हुई थी।
और पंद्रह साल बाद हर्षा सोनी ने राजस्थान बोर्ड की दसवीं की परीक्षा की मेरिट में चौथा स्थान पाकर सबका नाम ऊंचा कर दिया है।
97 प्रतिशत अंको के साथ हर्षा ने स्टेट मेरिट में चौथा और जयपुर जिले में दूसरा स्थान प्राप्त किया है।
हर्षा की एक बड़ी बहन और है भावना। जब हर्षा की पैदाइश पर दादजी और सारी ननदों ने मुंह मोड़ लिया था तभी हर्षा की मां ने तय कर लिया था कि उन्हें अपनी बेटी को कुछ बनाना है।
मां हेमलता का कहना है कि हर्षा के दादाजी ने हर्षा के पैदा होने के समय लिंग जांच के लिए दबाव डाला था और जब हर्षा पैदा हुई तो उन्होंने हम सबसे मुंह मोड़ लिया।
हर्षा के पिता रवि कुमार एक कंपनी में कम्प्यूटर ऑपरेटर हैं और मां ब्यूटीशियन हैं। आज हर्षा सबकी उम्मीदों पर खरी उतरी हैं और उन्होंने माता-पिता के चेहरे पर एक गर्व की मुस्कान ला दी है।