करौली में दो अप्रैल को हिंदू नव वर्ष पर निकाली गई बाइक रैली पर विशेष समुदाय के लोगों ने पथराव कर दिया था। इससे हिंसा भड़की और उपद्रवियों ने 35 से अधिक दुकानों, मकानों और बाइकों को आग में आग लगा दी थी। इसके बाद से जिले में कर्फ्यू लगा हुआ है। इस पूरे मामले की जांच कैलाश चंद मीणा शासन सचिव गृह विभाग को दी गई है।
कारौली में हुई हिंसा की जांच प्रशासनिक जांच के आदेश सरकार ने दे दिए हैं। कैलाश चंद मीणा शासन सचिव गृह विभाग को जांच अधिकारी नियुक्त किया गया है। गृह विभाग के आदेशानुसार मीणा घटना के सभी पहलुओं की जांच करेंगे। 15 दिन में जांच कर रिपोर्ट सरकार को सौंपेंगे।
विज्ञापन
इधर, करौली में प्रशासन ने दस अप्रैल को तक कर्फ्यू बढ़ा दिया है। पहले यह सात अप्रैल तक लगाया गया था। गुरुवार शाम जारी हुए आदेश के तहत कर्फ्यू की मियाद तीन दिन और बढ़ा दी गई है। इस दौरान शहर में इंटरनेट सेवाएं भी बंद हैं। शुक्रवार को प्रशासन ने लोगों को कर्फ्यू में तीन घंटे की छूट दी थी।
जानें दो अप्रैल को क्या हुआ था
करौली में दो अप्रैल को हिंदू नव वर्ष पर निकाली गई बाइक रैली पर विशेष समुदाय के लोगों ने पथराव कर दिया था। इसके बाद हटवारा बाजार सहित आसपास के इलाकों में माहौल तनावपूर्ण हो गया था। उपद्रवियों ने 35 से अधिक दुकानों, मकानों और बाइकों को आग में आग लगा दी थी। बिगड़ते हालात को देखते हुए शहर में पहले धारा 144, कर्फ्यू और फिर इंटरनेट सेवा बंद कर दी गई। हिंसा में पुलिसकर्मियों सहित 43 लोग घायल हो गए थे।